Haryana Assembly Elections: विनेश फोगाट के साथ बजरंग पुनिया भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस ने विनेश को जींद जिले की जुलाना सीट से कैंडिडेट बनाया है। जुलाना जाट बहुल इलाका है। इससे पहले भी कई खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने राजनीति में भाग्य आजमाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा है। पिछले चुनाव में हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह पर पिहोवा से भाजपा ने दांव खेला। जो जीते और मंत्री भी बने। लेकिन यौन शोषण के आरोप लगने के बाद मंत्री पद और सीट दोनों छोड़नी पड़ी।
अब पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन कर चुकीं विनेश को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। विनेश भले ही ओलंपिक में मेडल से दूर रहीं, लेकिन उनका भारत लौटने पर चैंपियन की तरह स्वागत किया गया। विनेश की ससुराल जुलाना में है। जुलाना की सीट इस लिहाज से उनके लिए काफी अहम मानी जा रही है। पिछली बार इस सीट से जेजेपी के अमरजीत ढांडा जीते थे। वहीं, 2009 से 2019 तक इस सीट पर इनेलो का कब्जा रहा। परमिंदर सिंह ढुल दो बार विधायक बने। इससे पहले हरियाणा में संदीप सिंह, बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त पर भाजपा दांव खेल चुकी है। लेकिन संदीप को छोड़ दोनों को हार का सामना करना पड़ा।
महम से बीजेपी ने दिया दीपक हुड्डा को मौका
इस बार दो खिलाड़ियों को बीजेपी ने टिकट दिया है। जिसमें कबड्डी खिलाड़ी दीपक हुड्डा और शूटिंग प्लेयर आरती राव शामिल हैं। दीपक हुड्डा को महम और आरती को अटेली सीट से टिकट मिला है। वहीं, कांग्रेस ने विनेश फोगाट पर दांव खेला है। दीपक हुड्डा 2016 कबड्डी विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। 2016 और 2019 एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
दीपक के अलावा उनकी पत्नी स्वीटी बूरा ने 6 महीने पहले बीजेपी ज्वाइन की थी। महम से पिछली बार बलराज कुंडू निर्दलीय जीते हैं। इससे पहले यहां से कांग्रेस के आनंद सिंह दांगी कई बार जीत चुके हैं। कांग्रेस ने इस बार कैंडिडेट घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि यहां त्रिकोणीय मुकाबला होगा। देखने वाली बात होगी कि मतदाता खिलाड़ियों पर कितना प्यार लुटाते हैं? हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए 5 अक्टूबर को वोटिंग है। वहीं, 8 अक्टूबर को नतीजों का ऐलान किया जाएगा।