CM सैनी का गुरुग्राम को बड़ा तोहफा! जाम और जलभराव से मिलेगा परमानेंट छुटकारा, इन दो सड़कों के लिए मंजूर हुए 52 करोड़
Gurugram Road Project: गुरुग्राम की दो मुख्य सड़कों को 52.56 करोड़ रुपये से चमकाया जाएगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद, 12 महीने में ड्रेनेज सुधार के साथ जाम और जलभराव से मुक्ति मिलेगी.
Gurugram Road Project: गुरुग्राम के रहने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई बैठक में शहर की दो बेहद अहम सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है. गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन दोनों सड़कों के कायाकल्प पर करीब 52.56 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. इस बड़े प्रोजेक्ट का सीधा मकसद शहर के सड़क नेटवर्क को मजबूत करना, बारिश के पानी की निकासी को दुरुस्त करना और लोगों के सफर को सुरक्षित व आसान बनाना है. सरकार के इस कदम से साइबर सिटी के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
इन दो रूटों का बदलेगा चेहरा
इस योजना के तहत पहली बड़ी परियोजना ओल्ड रेलवे रोड से लेकर इफको चौक तक की है. इस 4.8 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत और सुधार पर 25.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो महाराजा अग्रसेन चौक, महावीर चौक, एमजी रोड और महाराणा प्रताप चौक जैसी जरूरी जगहों से होकर गुजरती है और एनएच-48 को जोड़ती है. वहीं दूसरी परियोजना बसई चौक से ओल्ड रेलवे रोड तक की 4.4 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए है, जिस पर 27.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बसई रोड, भूतेश्वर मंदिर और सदर बाजार से गुजरने वाला यह रास्ता बसई फ्लाईओवर के जरिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का एक मुख्य जरिया है.
सिर्फ सड़क नहीं, फुटपाथ और ड्रेनेज सिस्टम भी होगा चकाचक
प्रशासन का फोकस सिर्फ सड़क पर नई परत बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था को अपग्रेड करने पर है. इन दोनों रास्तों पर स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया जाएगा ताकि बरसात में पानी जमा न हो. इसके अलावा पैदल चलने वालों की सेफ्टी के लिए फुटपाथ बनाए जाएंगे, सेंट्रल वर्ज को संवारा जाएगा और सुरक्षा के लिए गार्ड रेल लगाई जाएगी. सड़कों पर साइन बोर्ड और रोड मार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि ट्रैफिक व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आए.
एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
इन व्यस्त रास्तों पर अक्सर बारिश के दिनों में जलभराव और भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोग परेशान होते हैं. नया ड्रेनेज नेटवर्क बनने से पानी तेजी से निकलेगा और सड़कों पर जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी, जिससे वाहनों की रफ्तार नहीं थमेगी. इस प्रोजेक्ट से बसई, मदनपुरी, शिवाजी नगर, सुखराली, ओल्ड डीएलएफ कॉलोनी, सेक्टर-14 और सेक्टर-17 के लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा. जीएमडीए के अधिकारी अमित गोदारा के मुताबिक, काम शुरू होने के बाद इसे 12 महीने के भीतर पूरा करने का टारगेट रखा गया है, जिसके बाद स्थानीय दुकानदारों और रोजाना आने-जाने वाले हजारों ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी.
Gurugram Road Project: गुरुग्राम के रहने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई बैठक में शहर की दो बेहद अहम सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है. गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन दोनों सड़कों के कायाकल्प पर करीब 52.56 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. इस बड़े प्रोजेक्ट का सीधा मकसद शहर के सड़क नेटवर्क को मजबूत करना, बारिश के पानी की निकासी को दुरुस्त करना और लोगों के सफर को सुरक्षित व आसान बनाना है. सरकार के इस कदम से साइबर सिटी के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
इन दो रूटों का बदलेगा चेहरा
इस योजना के तहत पहली बड़ी परियोजना ओल्ड रेलवे रोड से लेकर इफको चौक तक की है. इस 4.8 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत और सुधार पर 25.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो महाराजा अग्रसेन चौक, महावीर चौक, एमजी रोड और महाराणा प्रताप चौक जैसी जरूरी जगहों से होकर गुजरती है और एनएच-48 को जोड़ती है. वहीं दूसरी परियोजना बसई चौक से ओल्ड रेलवे रोड तक की 4.4 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए है, जिस पर 27.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बसई रोड, भूतेश्वर मंदिर और सदर बाजार से गुजरने वाला यह रास्ता बसई फ्लाईओवर के जरिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का एक मुख्य जरिया है.
सिर्फ सड़क नहीं, फुटपाथ और ड्रेनेज सिस्टम भी होगा चकाचक
प्रशासन का फोकस सिर्फ सड़क पर नई परत बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था को अपग्रेड करने पर है. इन दोनों रास्तों पर स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया जाएगा ताकि बरसात में पानी जमा न हो. इसके अलावा पैदल चलने वालों की सेफ्टी के लिए फुटपाथ बनाए जाएंगे, सेंट्रल वर्ज को संवारा जाएगा और सुरक्षा के लिए गार्ड रेल लगाई जाएगी. सड़कों पर साइन बोर्ड और रोड मार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि ट्रैफिक व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आए.
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एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
इन व्यस्त रास्तों पर अक्सर बारिश के दिनों में जलभराव और भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोग परेशान होते हैं. नया ड्रेनेज नेटवर्क बनने से पानी तेजी से निकलेगा और सड़कों पर जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी, जिससे वाहनों की रफ्तार नहीं थमेगी. इस प्रोजेक्ट से बसई, मदनपुरी, शिवाजी नगर, सुखराली, ओल्ड डीएलएफ कॉलोनी, सेक्टर-14 और सेक्टर-17 के लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा. जीएमडीए के अधिकारी अमित गोदारा के मुताबिक, काम शुरू होने के बाद इसे 12 महीने के भीतर पूरा करने का टारगेट रखा गया है, जिसके बाद स्थानीय दुकानदारों और रोजाना आने-जाने वाले हजारों ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलेगी.