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Morbi Tragedy: पुतिन से लेकर देउबा तक… दुनियाभर के देशों के नेताओं ने मोरबी ब्रिज हादसे पर जताया दुख

Morbi Tragedy: गुजरात के मोरबी ब्रिज हादसे पर विश्व के प्रमुख नेताओं ने दुख जताया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुजरात में मोरबी त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की। एक बयान में उन्होंने कहा कि गुजरात में पुल ढहने की दुखद घटना पर मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। पीड़ितों के परिवारों के साथ मेरी सहानुभूति है। […]

Morbi Tragedy: गुजरात के मोरबी ब्रिज हादसे पर विश्व के प्रमुख नेताओं ने दुख जताया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुजरात में मोरबी त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की। एक बयान में उन्होंने कहा कि गुजरात में पुल ढहने की दुखद घटना पर मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। पीड़ितों के परिवारों के साथ मेरी सहानुभूति है। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं।

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नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भी गुजरात में हुई दुखद घटना पर दुख व्यक्त किया। देउबा ने ट्वीट किया, “गुजरात के मोरबी में पुल गिरने की दुखद घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है। हम बहुमूल्य जीवन के नुकसान पर सरकार और भारत के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।”

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त, एलेक्स एलिस गुजरात में मोरबी त्रासदी से स्तब्ध थे। उन्होंने ट्वीट किया, “गुजरात से भयानक, चौंकाने वाली खबर।” ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में मरने वालों की संख्या सोमवार सुबह 141 हो गई। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि घटना के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

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निजी एजेंसी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

गुजरात के मोरबी जिले में पुल गिरने की घटना में गुजरात पुलिस द्वारा निजी एजेंसियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और गैर इरादतन हत्या के प्रयास के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि एजेंसी ने पुल की उचित देखभाल और गुणवत्ता की जांच नहीं की और गंभीर लापरवाही दिखाते हुए 26 अक्टूबर को इसे लोगों के लिए खोल दिया।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुल को रखरखाव के लिए करीब 8 महीने से बंद रखा गया था और मरम्मत का काम एक निजी एजेंसी द्वारा पूरा किया जा रहा था। पुलिस इंस्पेक्टर देकावड़िया ने बताया कि नदी पर केबल पुल को उचित मरम्मत  प्रबंधन की लापरवाही के बाद खोल दिया गया था। धारा 304, 308 और 114 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।अधिकारियों के अनुसार, पुल गिरने के बाद माचू नदी में गिरे लोगों को बचाने के लिए सेना, नौसेना, वायु सेना, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड सहित टीमों ने रात भर तलाशी अभियान चलाया।

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First published on: Oct 31, 2022 01:27 PM

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