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गुजरात
विदेश में नौकरी करने वालों का डरावना सच, म्यांमार में फंसे 20 लोगों ने वीडियो बना मांगी मदद
Abroad working terrifying reality: विदेश में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए यह खबर किसी डरावने सच से कम नहीं है. म्यांमार में नौकरी की तलाश में गए करीब 20 भारतीय युवक-युवतियां वहां फंस गए हैं. उन्होंने वीडियो बनाकर भारत वापसी के लिए सरकार से मदद मांगी है.
Edited By :
Vijay Jain
Updated: Dec 25, 2025 19:46
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Abroad working terrifying reality: वडोदरा से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है. विदेश में बेहतर भविष्य तलाशने निकले गुजरात के कई युवाओं का सपना अब डरावना सच बन चुका है. म्यांमार में नौकरी की तलाश में गए करीब 20 भारतीय युवक-युवतियां वहां फंस गए हैं , जिनमें वडोदरा ज़िले के सावली तालुका के संधसाल गांव के 10 युवा भी शामिल हैं. इन युवाओं को एक फर्जी एजेंट ने डेटा एंट्री की नौकरी का झांसा देकर म्यांमार बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचते ही सच्चाई सामने आ गई. अब वे एक लोकल एनजीओ की मदद से किसी तरह छिपकर अपनी जान बचा रहे हैं.
पिछले 20 दिनों से इमिग्रेशन क्लियरेंस और मदद मांगने के बावजूद अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. थक हारकर अब इन युवाओं ने एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से सीधी मदद की गुहार लगाई है. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वे बेहद डरे हुए हैं और जल्दी से जल्दी अपने देश लौटना चाहते हैं.
बिना जांच-पड़ताल एजेंटों पर भरोसा न करें
जानकारी के मुताबिक, सिर्फ वडोदरा या गुजरात ही नहीं , बल्कि देशभर के कई राज्यों के युवक-युवतियां इन नेटवर्क्स के जाल में फंसे हुए हैं. कुछ पड़ोसी देशों के लोग भी इसी ठगी का शिकार बने हैं और उन्होंने भी मदद की अपील की है. यह मामला साफ तौर पर चेतावनी है उन सभी के लिए, जो विदेश में जल्द नौकरी पाने के लालच में बिना जांच-पड़ताल एजेंटों पर भरोसा करते हैं.
Abroad working terrifying reality: वडोदरा से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है. विदेश में बेहतर भविष्य तलाशने निकले गुजरात के कई युवाओं का सपना अब डरावना सच बन चुका है. म्यांमार में नौकरी की तलाश में गए करीब 20 भारतीय युवक-युवतियां वहां फंस गए हैं , जिनमें वडोदरा ज़िले के सावली तालुका के संधसाल गांव के 10 युवा भी शामिल हैं. इन युवाओं को एक फर्जी एजेंट ने डेटा एंट्री की नौकरी का झांसा देकर म्यांमार बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचते ही सच्चाई सामने आ गई. अब वे एक लोकल एनजीओ की मदद से किसी तरह छिपकर अपनी जान बचा रहे हैं.
पिछले 20 दिनों से इमिग्रेशन क्लियरेंस और मदद मांगने के बावजूद अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. थक हारकर अब इन युवाओं ने एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से सीधी मदद की गुहार लगाई है. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वे बेहद डरे हुए हैं और जल्दी से जल्दी अपने देश लौटना चाहते हैं.
बिना जांच-पड़ताल एजेंटों पर भरोसा न करें
जानकारी के मुताबिक, सिर्फ वडोदरा या गुजरात ही नहीं , बल्कि देशभर के कई राज्यों के युवक-युवतियां इन नेटवर्क्स के जाल में फंसे हुए हैं. कुछ पड़ोसी देशों के लोग भी इसी ठगी का शिकार बने हैं और उन्होंने भी मदद की अपील की है. यह मामला साफ तौर पर चेतावनी है उन सभी के लिए, जो विदेश में जल्द नौकरी पाने के लालच में बिना जांच-पड़ताल एजेंटों पर भरोसा करते हैं.