दिल्ली- NCR वालों के लिए लाइफलाइन बनी Namo Bharat, 3 करोड़ यात्रियों ने जताया भरोसा, मिनटों में पूरा हो रहा मेरठ का सफर
Namo Bharat: नमो भारत ट्रेन ने 3 करोड़ यात्रियों का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया है. 3 घंटे का सफर 60 मिनट में समेटने वाली इस ट्रेन की राइडरशिप में 10 गुना उछाल आया है.
Namo Bharat Train: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेन ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छू लिया है. महज कुछ ही महीनों में इस ट्रेन ने 3 करोड़ यात्री सफर का जादुई आंकड़ा पार कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है. अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच शुरू हुई यह यात्रा अब 82 किलोमीटर के पूरे कॉरिडोर पर फैल चुकी है. अगर तुलना की जाए तो दिसंबर 2024 में इसकी मासिक राइडरशिप साल भर पहले के मुकाबले 10 गुना ज्यादा बढ़ गई है. आज आम दिनों में करीब 1 लाख से ज्यादा लोग इस हाई-स्पीड ट्रेन का लुत्फ उठा रहे हैं, जिसने एनसीआर में आवाजाही के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है.
समय की बचत और शानदार कनेक्टिविटी
नमो भारत की सबसे बड़ी खूबी इसकी रफ्तार है, जिसने दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी को बेहद कम कर दिया है. पहले जहां सड़क मार्ग और भारी जाम की वजह से इस सफर में 3 घंटे लग जाते थे, वहीं अब नमो भारत इसे मात्र 60 मिनट में पूरा कर रही है. आनंद विहार जैसे ‘मल्टी-मॉडल हब’ के जुड़ने से यात्रियों के लिए दिल्ली मेट्रो, आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना बहुत आसान हो गया है. 99 प्रतिशत समयबद्धता के साथ चलने वाली यह ट्रेन उन नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए वरदान साबित हुई है, जिन्हें रोजाना दिल्ली-मेरठ के बीच आना-जाना पड़ता है.
सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में नमो भारत ने विश्व स्तरीय मानक स्थापित किए हैं. स्टेशनों और कोच में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है और महिलाओं के लिए अलग से आरक्षित कोच की सुविधा दी गई है. किसी भी आपात स्थिति के लिए ट्रेन के अंदर एसओएस (SOS) बटन भी मौजूद है, जिससे यात्री तुरंत मदद ले सकते हैं. बेहतर रोशनी और मुस्तैद कर्मचारियों की वजह से रात के समय भी महिलाएं इस सफर में खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं. यही कारण है कि महिला यात्रियों के बीच नमो भारत सार्वजनिक परिवहन के लिए पहली पसंद बन गई है.
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डिजिटल टिकट और बेहतरीन सुविधाएं
नमो भारत ने टिकट बुकिंग की पुरानी झंझटों को खत्म कर सफर को डिजिटल बना दिया है. ‘नमो भारत कनेक्ट’ ऐप के जरिए यात्री रीयल-टाइम में ट्रेन की लोकेशन देख सकते हैं और क्यूआर कोड आधारित टिकट बुक कर सकते हैं. यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को भी हर 15 मिनट से घटाकर 10 मिनट कर दिया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर 3 मिनट तक किया जा सकता है. इसके अलावा मेरठ में शुरू हुई मेरठ मेट्रो और लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए शुरू की गई फीडर बस सेवाओं ने इस पूरे नेटवर्क को बेहद मजबूत बना दिया है. अब यह कॉरिडोर एनसीआर की असली लाइफलाइन बन चुका है.