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‘कॉमेडी मजाक या कमेंट नहीं बल्कि…; पढ़ें कुणाल कामरा-इमरान मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

कुणाल कामरा विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मुद्दे पर टिप्पणी आई है। सुप्रीम कोर्ट बेंच ने इमरान प्रतापगढ़ी मामले में यह टिप्पणी की। इमरान केस का निपटारा हो गया है और उसके खिलाफ दर्ज केस खारिज करने का आदेश दिया गया है।

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कॉमेडियन कुणाल कामरा को लेकर छिड़े विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक टिप्पणी की है। कांग्रेस माइनॉरिटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ कांग्रेस सांसद की याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉमेडी मजाक या कमेंट नहीं हैं, बल्कि यह जीवन को सार्थक बनाती है। कविता, नाटक, फिल्म, व्यंग्य और कला सहित साहित्य मनुष्य के जीवन को और ज्यादा सार्थक बनाते हैं। बेशक लोग दूसरे द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को नापसंद करते हों, लेकिन विचार व्यक्त करने के अधिकार का सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए।

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने टिप्पणी करते हुए इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना न्यायालय का कर्तव्य है, विशेषकर तब जब बात अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हो। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भड़काऊ गीत मामले में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को खारिज कर दिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हास्य अभिनेता कुणाल कामरा के व्यंग्यात्मक स्टैंड-अप एक्ट के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा को लेकर छिड़े विवाद और बहस के बीच आई है।

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क्या है इमरान प्रतापगढ़ी मामला?

कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतापगढ़ी ने गुजरात उच्च न्यायालय के 17 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें FIR रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। गुजरात उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए केस खारिज नहीं कर सकते। 3 जनवरी को प्रतापगढ़ी पर जामनगर में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह को लेकर भड़काऊ गीत शेयर करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

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एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप, दावे) सहित कई धाराएं शामिल की गई थीं। प्रतापगढ़ी द्वारा एक्स हैंडल पर अपलोड की गई 46 सेकंड की वीडियो क्लिप में उन्हें फूलों की बारिश के बीच हाथ हिलाते हुए दिखाया गया है, साथ ही बैकग्राउंड में एक गाना बज रहा है। एफआईआर में दावा किया गया है कि गाने के बोल भड़काऊ, राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। इस केस में आज सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की और प्रतापगढ़ी को बड़ी राहत दी।

 

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First published on: Mar 28, 2025 12:33 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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