भारत सरकार ने पाकिस्तान हाई कमीशन से हटाया सुरक्षा घेरा, अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
India-Pakistan: भारत सरकार ने भी शहबाज सरकार को करारा झटका दिया है. दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर से भी भारत सरकार ने सुरक्षा घेरा हटा लिया है, साथ ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई भी की.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Aug 20, 2026 07:47
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Aug 20, 2026 07:47
Share :
दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर दिखाई दिया सन्नाटा. (Photo: ANI)
---विज्ञापन---
भारत ने अब पाकिस्तान को उसी की जुबान में जवाब देना शुरू कर दिया है. सीमा पर गोलीबारी हो या फिर कूटनीतिक तौर पर लिए गए पाकिस्तान के फैसले, भारत सरकार भी अब पड़ोसी देश को टिट-फॉर-टैट एक्शन के तहत जवाब दिया है. आपको बता दें कि तीन दिन पहले इस्लामाबाद में पाकिस्तान सरकार ने भारतीय दूतावास के बाहर से सुरक्षा बैरिकेड्स हटा लिए थे, जिसके जवाब में अब भारत सरकार ने भी शहबाज सरकार को करारा झटका दिया है. दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर से भी भारत सरकार ने सुरक्षा घेरा हटा लिया है, साथ ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई भी की.
#WATCH | Delhi | Indian authorities dismantle the external security perimeter outside the Pakistan High Commission, removing traffic bollards and barricades that previously ring-fenced the diplomatic compound. pic.twitter.com/bVK5ul72Ov
प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के वीजा सेक्शन के बाहर कथित अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की है. यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के बाहर लगे कुछ पोल हटाए जाने की घटना के बाद सामने आई है. घटनाक्रम को भारत-पाकिस्तान के बीच जारी डिप्लेमेटिक टेंशन के एक और संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर कई सालों से अतिक्रमण मौजूद था, इस एक्शन से पाकिस्तान को ये संदेश दे दिया गया है कि उसकी किसी भी हरकत को अनदेखा नहीं किया जाएगा.
आपको बता दें कि दूतावासों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था या सुविधाओं में बदलाव कर दबाव बनाना कूटनीति में कोई नया तरीका नहीं है. इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान ने कई मौकों पर इस तरह के कदम उठाए हैं. डिप्लोमेट्स और सपोर्ट स्टाफ की संख्या घटाना, ट्रैफिक बैरिकेड्स में बदलाव, पार्किंग की सुविधाएं सीमित करना और दूतावास के बाहर सुरक्षा जांच बढ़ाने जैसे कई एक्शन दोनों देशों की तरफ से पहले भी हो चुके हैं. प्रशासनिक स्तर पर लगाई गई ऐसी पाबंदियां भी दूसरे देश को सख्त संदेश देने का एक तरीका मानी जाती हैं. ताजा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रहे हैं.