---विज्ञापन---

दिल्ली

दिल्ली के निजी स्कूलों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, हर साल यूं ही नहीं बढ़ा पाएंगे स्कूली बच्चों की फीस

Delhi private schools fees regarding major decision: दिल्ली के निजी स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. रेखा गुप्ता सरकार ने सत्र 2025-26 के लिए सभी निजी स्कूलों में स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे स्कूल फीस तय करने में पारदर्शिता होगी और इसमें अभिभावकों व शिक्षकों की भागीदारी भी जरूरी होगी. पढ़ें दिल्ली से दिव्या अग्रवाल की रिपोर्ट

Delhi private schools fees regarding major decision: दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सभी निजी स्कूलों में स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत स्कूल फीस तय करने में पारदर्शिता होगी और इसमें अभिभावकों व शिक्षकों की भागीदारी भी जरूरी होगी. यह आदेश दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और नियंत्रण) अधिनियम, 2025 के तहत जारी किया गया है. सरकार ने निर्देश दिए हैं कि फीस बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्ताव जल्द तय किए जाएं, ताकि अभिभावकों को समय पर राहत मिल सके. यह नियम दिल्ली के सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 1973 के कानून की स्कूल की फीस फिक्सेशन कानून बनाया,दिल्ली सरकार ने स्कूलों को फीस रेगुलेशन कानून के तरह कमेटी बनाने का निर्देश दिया.

क्या रहेगी टाइमलाइन

  • 10 जनवरी 2026 तक स्कूलों को बनानी होगी कमेटी,
  • 11 सदस्यीय कमेटी में शामिल होंगे 5 अभिभावक
  • 25 जनवरी तक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को कमेटी के सामने रखना होगा.
  • हर निजी स्कूल को 15 दिन के भीतर (10 जनवरी 2026 तक) स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) बनानी होगी,
  • कमेटी बनने के बाद उसके सदस्यों के नाम नोटिस बोर्ड और स्कूल वेबसाइट पर डालना जरुरी होगा.
  • इस कमेटी में शिक्षा विभाग का सरकारी पर्यवेक्षक (Observer) रहेगा. जहां अभी पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं है, वहां स्कूल को 3 कार्यदिवस में जिला उप शिक्षा निदेशक (DDE) को लिखित सूचना देनी होगी.

यह भी पढ़ें: पूर्व MLA कुलदीप सेंगर पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, उन्नाव रेप केस में सजा काट रहे थे, मिली जमानत

---विज्ञापन---

अभिभावक और शिक्षक प्रतिनिधि चयन

5 अभिभावक और 3 शिक्षक प्रतिनिधियों का चयन लकी ड्रॉ (पर्ची/ड्रा) से होगा.ड्रॉ की तारीख, समय और स्थान 7 दिन पहले सार्वजनिक करना जरूरी होगा.स्कूल प्रबंधन ड्रॉ प्रक्रिया में दखल नहीं देगा.PTA में स्कूल के सभी अभिभावक और सभी शिक्षक शामिल माने जाएंगे. SLFRC के लिए होने वाले ड्रा में हर अभिभावक और शिक्षक का नाम शामिल करना जरूरी होगा,अभिभावक प्रतिनिधि के लिए पात्रता..

आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को राहत

EWS/DG/CWSN वर्ग के वे अभिभावक जिनके बच्चों की फीस माफ है, उन्हें SLFRC में अभिभावक प्रतिनिधि नहीं चुना जाएगा.अगर गलती से ऐसे किसी अभिभावक का नाम निकलता है, तो चयन रद्द होगा और वेटिंग लिस्ट से दूसरा नाम लिया जाएगा.एक परिवार से एक ही प्रतिनिधि. अगर एक ही छात्र या भाई-बहन के दो अभिभावकों के नाम निकल जाएं, तो पहले निकला नाम ही मान्य होगा.बाकी चयन रद्द कर वेटिंग लिस्ट से भरे जाएंगे.चयन के बाद मना करने पर चुना गया अभिभावक या शिक्षक अगर कमेटी में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे 3 कार्यदिवस में लिखित सूचना देनी होगी. वही खाली जगह वेटिंग लिस्ट या नए ड्रॉ से तुरंत भरी जाएगी.अगर वेटिंग लिस्ट में भी कोई सदस्य उपलब्ध नहीं है, तो उस वर्ग के लिए नया ड्रॉ कराया जाएगा.

---विज्ञापन---

आदेश नहीं माना तो स्कूलों पर कार्रवाई

अगर कोई स्कूल आदेशों का पालन नहीं करता है, जैसे SLFRC का समय पर गठन न करना,फीस प्रस्ताव समय पर जमा न करना या उस पर फैसला न करना तो ऐसे मामलों में दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और नियंत्रण) अधिनियम व नियम, 2025 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा.यह आदेश दिल्ली के सभी निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों पर लागू होगा.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में शीतलहर ने तोड़ा रिकॉर्ड, साल का सबसे ठंडा दिन रहा 20 दिसंबर, 130 से अधिक फलाइट्स रद्द

---विज्ञापन---
First published on: Dec 24, 2025 05:45 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

Read More
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.
Sponsored Links by Taboola