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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा-सरकार सुनिश्चित करे अस्पतालों में खाली पद जल्द भरे जाएं

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार को सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े पदों को जल्द भरना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब देने के लिए समय दिया है। पेश याचिका सरकारी अस्पतालों में […]

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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार को सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े पदों को जल्द भरना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब देने के लिए समय दिया है। पेश याचिका सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के बारे में दाखिल की गई है। अब इस मामले में 12 अप्रैल को सुनवाई होगी।

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न्यायमूर्ति सतीश चंदर शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अस्पतालों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।” अदालत ने इससे पहले एम्स, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल जैसे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तत्काल नियुक्ति के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर केंद्र, दिल्ली सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया था।

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इलाज से वंचित हो रहे लोग 

याचिकाकर्ता डॉ नंद किशोर गर्ग के वकील शशांक देव सुधी ने अदालत में कहा, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी हो गई है, जो हर बीतते दिन के साथ बिगड़ती जा रही है। प्रासंगिक बुनियादी ढांचे और विशेष डॉक्टरों की उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी सहित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के कारण निर्दोष और गरीब रोगियों को उनके इलाज से वंचित किया जा रहा है।

निजी अस्पताल उठा रहे फायदा

याचिका में कहा गया है कि निजी अस्पताल असहाय मरीजों की दुर्दशा का अवैध फायदा उठा रहे हैं। ऐसे कई मामले हैं जहां सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे की कमी का हवाला देकर मरीज को निजी अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं।

First published on: Jan 14, 2023 04:18 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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