Delhi City Facts: भारत की राजधानी नई दिल्ली को अक्सर दिलवालों की दिल्ली कहा जाता है। दिल्ली शहर के बारे में बहुत से ऐसे तथ्य हैं जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। दिल्ली सल्तनत से लेकर मुगलों और फिर अंग्रेजों का राज करने से लेकर आजादी का संघर्ष इस शहर ने देखा है। यह शहर वर्तमान में दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में से एक है। दिल्ली में देशभर से लोग आकर बसते हैं जिसमें से बहुत से हमेशा के लिए इस शहर के होकर रह जाते हैं। आप आपको दिल्ली के जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बताएंगे।
1- दिल्ली शहर को दो तरह से जान सकते हैं, जिसमें पहला नाम है नई दिल्ली और दूसरा नाम है दिल्ली। आपको बता दें कि ये एक नहीं बल्कि अलग-अलग जगहें हैं। ये तो सभी जानते हैं कि नई दिल्ली देश की राजधानी है। लेकिन दिल्ली की बात करें तो ये एक महत्वपूर्ण शहर है जिसके अंदर नई दिल्ली एक क्षेत्र है। इसे अंग्रेजों ने कलकत्ता से दिल्ली में पैसा भेजने के लिए डिजाइन किया था।
2- दिल्ली का लाल किला किसी वक्त पर सफेद हुआ करता था, ये हम नहीं पुरातत्व के लिए किए गए एक सर्वे में कहा गया है। कहा जाता है कि दिल्ली की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाला लाल किला किला चूना पत्थर से बना था और जब पत्थर सूखने लगा तो अंग्रेजों ने इसे संरक्षित करने के लिए लाल रंग से रंग दिया। सोचिए अगर आज ये सफेद होता तो इसकी खूबसूरती कैसा होती?
3- दिल्ली को जब बनाया गया था तक इसमें अंदर आने के लिए कुल 14 रास्ते थे। इनमें से अब सिर्फ 5 गेट की मौजूद हैं। इसमें 1835 में रॉबर्ट स्मिथ द्वारा निर्मित कश्मीरी गेट शहर का सबसे उत्तरी गेट है। 1644 में बना अजमेरी गेट का मुख अजमेर की की तरफ है। इसके अलावा लाहोरी गेट लाल किले का मुख्य प्रवेश द्वार कहा जाता है। लाल किले में जाने का एक और रास्ता है, जिसे द दिल्ली गेट या दिली दरवाजा के नाम से भी जाना जाता है। सबसे आखिर में आता है 13वीं शताब्दी में बना तुर्कमान गेट जो कि शाहजहानाबाद में स्थित है।
4- दिल्ली मेट्रो की बात करें तो ये पूरी दुनिया में 13वें स्थान पर है। दिल्ली मेट्रो स्टेशन की लंबाई 193 किलोमीटर है। स्टेशन पर आपने पीली लाइनें बनी देखी होंगी, वो लाइनें नेत्रहीन लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए खासतौर पर बनाई गई हैं। इसके अलावा राजधानी में कुल 11 राजनीतिक क्षेत्र हैं जिन्हें 95 पुलिस स्टेशनों में विभाजित किया गया है।
5- दिल्ली को वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर कहा जाता है। ये आंकड़े 2015 की जनगणना के अनुसार है जिसमें दिल्ली की जनसंख्या लगभग 2.5 करोड़ बताई गई थी। इसके अलावा 17वीं शताब्दी में बना खारी बावड़ी बाजार दिल्ली में आज भी अपनी अलग पहचान रखता है। फतेहपुरी मस्जिद के बहुत बने इस बाजार की खुशबू पूरे इलाके में फैली हुई है। दिल्ली के इस बाजार को एशिया में मसालों का सबसे बड़ा बाजार कहा जाता है।