Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दिल्ली

3 टमाटर खाकर 30 घंटे तक मलबे में जिंदा रहा परिवार; बुराड़ी हादसे के पीड़ित ने सुनाई आपबीती

Burari Building Collapsed Rescued Family Real Story: दिल्ली के बुराड़ी बिल्डिंग के मलबे से जिंदा बाहर निकालने वाले परिवार ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें पीड़ित ने बताया कि सिर्फ 3 टमाटर खाकर उसका पूरा परिवार 30 घंटे तक मलबे में जिंदा रहा।

Author
Edited By : Pooja Mishra Updated: Jan 31, 2025 11:43
Burari Building Collapsed Rescued Family Real Story

Burari Building Collapsed Rescued Family Real Story: दिल्ली के बुराड़ी में इस हफ्ते की शुरुआत में गिरी 5 मंजिला बिल्डिंग के मलबे से कुछ दिनों पहले पुलिस ने 4 लोगों के एक परिवार को जिंदा बाहर निकाला है। इन लोगों की पहचान राजेश (30), उनकी पत्नी गंगोत्री (26) और उनके बेटों प्रिंस (6) और रितिक (3) के रूप में हुई है। परिवार के मुखिया ने बताया कि वे कम से कम 30 घंटे तक मलबे में फंसे रहे और सिर्फ 3 टमाटर खाकर जिंदा रहे। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब पूरा परिवार बेहोश था। उन्हें यह भी नहीं पता कि कब और कैसे अस्पताल पहुंचे।

---विज्ञापन---

29 जनवरी को देर रात के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बिल्डिंग के मलबे से इस पूरे परिवार को जिंदा बाहर निकाला गया। मलबे के अंदर परिवार के फंसे रहने वाले राजेश ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने घर में बचे 3 टमाटर खाकर अपनी भूख मिटाई।

30 घंटे तक 3 टमाटर खाकर जिंदा था परिवार

ANI से बात करते हुए राजेश ने कहा कि शाम करीब 6.30 बजे वह अपने परिवार के लिए खाना बनाने जा रहा था, तभी इमारत ढह गई। राजेश ने कहा कि उसने ऊपर का मलबा हटाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह हार गया। हमारा पूरा परिवार घर में बचे सिर्फ 3 टमाटर खाकर 30 घंटे से अधिक समय तक जिंदा रहा। राजेश ने बताया कि उसने हार मान ली थी और सब कुछ भगवान के भरोसे छोड़ दिया था। राजेश ने बताया कि जब उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, तब वे सब बेहोश थे। उन्हें यह भी याद नहीं कि वे लोग कब और कैसे अस्पताल पहुंचे।

यह भी पढ़ें: Ahmedabad Bullet Train Video: कहां तक पहुंचा अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन स्टेशन का काम; देखें वीडियो

मलबे से 16 लोगों निकाला गया

वहीं, इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग की छत का स्लैब गिरने के कारण परिवार मलबे में फंस गया था। लेकिन यह स्लैब रसोई गैस सिलेंडर पर गिरा, जिसकी वजह से राजेश और उसका परिवार मलबे में दबने से बच गया। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया के अनुसार इमारत गिरने के बाद से 16 लोगों को बचाया गया है। वहीं, इस हादसे में 2 नाबालिग समेत 5 लोगों की मौत हो गई।

First published on: Jan 31, 2025 11:43 AM

संबंधित खबरें