Surrendered Naxalites Couple Passed 10th Open Exam: छत्तीसगढ़ से नक्सलियों से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, पुलिस के सामने सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले कई नक्सलियों ने ओपन परीक्षा में सफलता हासिल की है। सरेंडर करने वाले नक्सली दंपति लिबरू (दिवाकर कोर्राम) और उसकी पत्नी लक्ष्मी ने करीब 12 साल बाद 10वीं की ओपन एग्जाम दिया। इस परीक्षा में दोनों पास हो गए, लिबरू को 10वीं में 35 प्रतिशत मार्क्स मिले। ऐसे में प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 10वीं पास करने वाले इस पति-पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर, उन्हें बधाई दी।
लाखों के इनामी नक्सली ने पास की 10वीं परीक्षा
पूर्व नक्सली दंपति लिबरू (दिवाकर कोर्राम) और उसकी पत्नी लक्ष्मी आज से 3 साल पहले, साल 2021 में सरकार की पुनर्वास योजना के तहत पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन दोनों ने पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव के प्रयास से 10वीं की ओपन परीक्षा दी, जिसमें वह तीसरी बार में सफल हुए। बता दें कि पूर्व नक्सली लिबरू उर्फ दिवाकर कोर्राम पर 14 लाख रुपये का ईनाम था।
नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ
पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि, इस साल वनांचल में निवासरत 200 बैगा युवक और युवतियों ने ओपन परीक्षा के फार्म भरे हैं। इस परीक्षा में कुल 140 बच्चों के पास होने की खबर है। उन्होंने कहा कि सरेंडर होने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ मिलने से आने वाले दिनों में और भी नक्सली सरकार की इस मुख्यधारा से जुड़ेंगे।