पर्यटकों को पसंद आ रहा है बस्तर, टूरिज्म के जरिए हुई रिकॉर्ड तोड़ कमाई

Chhattisgarh Bastar Now Tourists Favorite Place: छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला अब पर्यटकों की पसंदीदा जगह बन गया है। बस्तर में पिछले सालों में 5 लाख से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं।

Chhattisgarh Bastar Now Tourists Favorite Place

Chhattisgarh Bastar Now Tourists Favorite Place: छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा चलाए जा रहे एंटी-नक्सल अभियान का प्रभाव अब प्रदेश की टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। राज्य के नक्सल प्रभावित जिले बस्तर में सरकार के एंटी-अभियान के चलते नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है। इसके अलावा, बस्तर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि भी हुई है। सामने आए ताजगी आंकड़ों के अनुसार, बस्तर में पिछले सालों में 5 लाख से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। इससे बस्तर में टूरिज्म के जरिए रिकॉर्ड तोड़ कमाई हुई है।

टूरिस्ट्स की संख्या हुई वृद्धि

जिला मुख्यालय के अनुसार पिछले 5 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि बस्तर में पर्यटकों की संख्या 5 लाख से अधिक हुई है। एक तरफ जहां बस्तर में नक्सली घटनाओं में कमी आ रही है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटकों का ध्यान बस्तर की तरफ बढ़ने लगा है। जिला मुख्यालय ने बताया कि बस्तर में टूरिस्ट ज्यादातर तीर्थगढ़, चित्रकूट और कांगेर नेशनल पार्क को एक्सप्लोर कर रहे हैं। अकेले कांगेर नेशनल पार्क में 2 लाख 19 हजार 959 पर्यटक अब तक घूमने आ चुके हैं। इको टूरिज्म की बढ़ती गतिविधियों की वजह से यहां टूरिस्ट्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है।

पर्यटकों को पसंद आ रहा कांगेर घाटी नेशनल पार्क

जिला मुख्यालय ने बताया कि बस्तर में पर्यटकों को कांगेर घाटी नेशनल पार्क बहुत पसंद आ रहा है। पिछले 5 सालों में 2 लाख 20 हजार के करीब टूरिस्ट कांगेर घाटी नेशनल पार्क में आ चुके हैं। सिर्फ पर्यटकों की वजह से ही कांकेर नेशनल पार्क की एक करोड़ 17 लाख 24 हजार 245 रुपये की कमाई हुई है। बता दें कि जल्द ही वन विभाग की तरफ से तीरथगढ़ और चित्रकूट में ग्लास ब्रिज का भी निर्माण किया जाना है जिससे आने वाले दिनों में यहां पर्यटन गतिविधियों और बढ़ सकती हैं।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
होम पेज पर वापस जाएँ