Shailendra Pandey
Read More
---विज्ञापन---
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगातार झमाझम हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तहसील मुख्यालय मैनपुर सहित पूरे क्षेत्र में मंगलवार रात 12 बजे से हो रही झमाझम बारिश से पैरी नदी, इंद्रावन, कुल्हाड़ीघाट, देवदहरा, उदंती व बाघ नदी अपने उफान पर है। जिसके कारण अधिकांश गांवो का संपर्क तहसील मुख्यालय मैनपुर से टूट गया है।
लगातार हो रही बरसात के कारण पहाड़ों तथा जंगलों के पानी से गोढ़ेना उदंती नदी में बाढ़ आने से साहेबिन कछार क्षेत्र के कई गांव टापू बन गए हैं। सभी नदी-नाले पूरे उफान पर है। बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार करने को मजबूर हो रहे हैं। इसकी वजह से लोग जरूरत के सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। जलभराव के कारण लोगों को 10 से 15 किमी की दूरी पैदल ही आना-जाना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें-Assembly Election: योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं छत्तीसगढ़ में प्रचार, दो जिलों में आठ रैलियां संभावित
मुख्यालय से 4 किमी दूर मैनपुरकला, फुलझर गांव के लोगों को नदी में आए बाढ़ के कारण लालपथरा नउमुड़ा होते हुए मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है और किसान को खाद्य बीज यहां तक कि राशन सामग्री को सिर पर लादकर लाने ले जाने को मजबूर हो गए हैं। मैनपुर विकासखंड के साहेबिनकछार, कोदोमाली, नागेश व दर्जनभर ग्राम पारा टोला बारिश प्रारंभ होते ही टापू में तब्दील हो गया है। क्षेत्र के किसान बारिश का इंतजार लंबे समय से कर रहे थे, क्योंकि पूरे अगस्त महीने में बारिश नहीं हुई थी। वहीं, अब लगातार हो रही बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
न्यूज 24 पर पढ़ें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।