Chhattisgarh Education Minister Brijmohan Aggarwal: छत्तीसगढ़ में भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के लिए काम कर रही है। इसका ताजा मिसाल प्रदेश के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पेश की है। शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल अपनी मां के निधन के बाद फिर से काम पर लौट आए हैं। उन्होंने पाठ्य पुस्तक निगम कार्यकारिणी सभा की 88वीं बैठक बुलाई, जिसमें शिक्षा मंत्री ने मंडल के काम की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। इस बैठक में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उनकी मां हमेशा उन्हें दूसरों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया है।
शिक्षा मंत्री ने बैठक में किया मां को याद
अपनी मां को याद करते हुए बैठक में शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उनकी मां का निधन उनके लिए बहुत बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके जीवन में उनकी मां एक महत्वपूर्ण स्तंभ थीं। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने हमेशा दूसरों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया है। इसलिए वह मां इच्छा को पूरा करते हुए अपना काम जारी रख रहे हैं।
मंडल अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
बैठक में शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने पाठ्य पुस्तक निगम के काम की समीक्षा करते हुए कहा कि छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम को हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश देते हुए मंडल के अधिकारियों को छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने पर काम करने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री, समेत मंत्रीमंडल के बाकी सदस्यों का परिचय उनकी फोटो के साथ प्रकाशित किया जाना चाहिए। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल से जुड़े सभी संस्कृत स्कूल को तय समय सीमा के अंदर पाठ्य पुस्तक उपलब्ध करवाई जाए।