Bilaspur Intercity Double Murder Case : छत्तीसगढ़ की बिलासपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी फरार हो गया। वह इंटरसिटी होटल डबल मर्डर केस में सजायाफ्ता था। कैदी जेल से पैरोल पर छूटा था, लेकिन उसने खुद को सरेंडर नहीं किया। पैरोल खत्म होने के बाद भी वह फरार चल रहा है। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर में मशहूर इंटरसिटी होटल के बाहर 8 जून 2010 को जीजा-साले को गोलियों से भून दिया गया था, जिससे दयालबंद निवासी गुड्डा सोनकर और उसके जीजा ननका घोरे की मौत हो गई थी। डबल मर्डर केस में अदालत ने दयालबंद के रहने वाले अजय जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
2012 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा
होटल इंटरसिटी हत्याकांड में जिला न्यायालय ने साल 2012 में 7 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सभी कैदी इस वक्त बिलासपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। इनमें से कैदी अजय जयसवाल जनवरी में 92 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल खत्म होने के बाद उसे सरेंडर करना था, लेकिन अब भी वह फरार चल रहा है।
कैदी की तलाश में जुटी पुलिस
कैदी अजय जयसवाल को जेल में दो मई की शाम पांच बजे तक खुद को सरेंडर करना था, लेकिन वह जेल नहीं गया। जब जेल प्रशासन ने कैदी के बारे में पता किया तो जानकारी मिली कि वह फरार हो गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस कैदी की तलाश में जुट गई है।