Chhattisgarh New Liquor Policy: देश के बाकी राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में नई शराब नीति आ रही है, जिसको लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग की इस नई नीति के तहत पूरे प्रदेश में अहाता टेंडर खोला गया था, जिसमें सबसे बड़ी बोली लगाने ठेकेदारों को अहातों का ठेका दिया गया। नई नीति के अनुसार शराब भट्टी में लोगों को पूरी व्यवस्था के साथ शराब सर्व की जाएगी। इसमें ठेके अंदर एसी, टेबल-कुर्सी और गिलास जैसी सुविधाएं शामिल है।
नई शराब नीति क्या बोली जनता
वहीं इस नई शराब नीति और शराब भट्ठी में अहाता खोलने को लेकर प्रदेश के सूरा प्रेमियों की तरफ से काफी मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ शराब प्रेमियों ने कहा अहाता नहीं खुलना चाहिए, क्योंकि अगर अहाता खुलते है तो उसमें सभी समान का चीजों का रेट ज्यादा होगा और सामान कम मिलेगा। उनका कहा है कि ऐसे अहाता में चखना डिस्पोजल पानी कई गुना दाम पर मिलते है।
शराब प्रेमियों ने सरकार से गुहार
वहीं कई शराब प्रेमियों ने कहा अहाता खुलना चाहिए पीने का एक ठिकाना होता है। इधर उधर जाकर पीते हैं तो पुलिस का डर होता है लोग गाली देते हैं। घर में जाके पी नहीं सकते परेशानी होती है। इसलिए अहाता खुलना चाहिए। इसके साथ ही शराब प्रेमियों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि शराब भट्ठियों में अधिक रेट में शराब बेचा जा रही है। अलग-अलग जिले में अलग- अलग एक्स्ट्रा पैसा लिया जा रहा है। दिन भर कमाते हैं इसलिए पीना पड़ता है, इसका मतलब ये नहीं है कि हमें लूटा जाए। शराब पर एक्स्ट्रा पैसा लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।