Chhattisgarh Assembly Election Result 2023: मुंगेली जिले की हाई प्रोफाइल सीट लोरमी से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस प्रत्याशी थानेश्वर साहू को 45,891 वोटों से से हरा दिया है।
वहीं, 2018 विधानसभा चुनाव में लोरमी सीट से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के धर्मजीत सिंह ने 25553 वोटों से जीत दर्ज की थी, यहां जनता कांग्रेस के उम्मीदवार को 64742 वोट मिले थे। वहीं, भाजपा के तोखन साहू को 42189 वोट मिले तथा कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही, कांग्रेस के सोनू चंद्राकर को 16669 वोट मिले थे।
25 नवंबर 1968 को मुंगेली के लोहड़िया गांव में जन्मे अरुण साव कबीर वार्ड मुंगेली में रहकर पले–बढ़े है और मुंगेली के एसएनजी कॉलेज से बीकॉम कर बिलासपुर से एलएलबी किया। इस दौरान वे 1990 से 1995 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मुंगेली तहसील इकाई के अध्यक्ष भी रहे। साहू समाज की राजनीति में अरुण साव की अच्छी पैठ है। अरुण साव 1996 से 2005 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा मे विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे।
वहीं, पिछली बार बिलासपुर लोकसभा से लखनलाल साहू सांसद निर्वाचित हुए थे। वे यहां से 1 लाख 76 हजार वोट से विजयी हुए थे। इसके बावजूद उनका टिकट काट कर अरुण साव को टिकट दिया गया और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव को हरा कर जीत हासिल की थी। इसके बाद अगस्त 2022 को आदिवासी वर्ग के विष्णुदेव साय को हटा कर अरुण साव को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपा गया। राज्य में बड़ी संख्या में ओबीसी वोटों की बहुलता को देखते हुए अरुण साव को अध्यक्ष बनाकर OBC वोटों को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
Chhattisgarh Assembly Election Result 2023: मुंगेली जिले की हाई प्रोफाइल सीट लोरमी से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस प्रत्याशी थानेश्वर साहू को 45,891 वोटों से से हरा दिया है।
वहीं, 2018 विधानसभा चुनाव में लोरमी सीट से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के धर्मजीत सिंह ने 25553 वोटों से जीत दर्ज की थी, यहां जनता कांग्रेस के उम्मीदवार को 64742 वोट मिले थे। वहीं, भाजपा के तोखन साहू को 42189 वोट मिले तथा कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही, कांग्रेस के सोनू चंद्राकर को 16669 वोट मिले थे।
25 नवंबर 1968 को मुंगेली के लोहड़िया गांव में जन्मे अरुण साव कबीर वार्ड मुंगेली में रहकर पले–बढ़े है और मुंगेली के एसएनजी कॉलेज से बीकॉम कर बिलासपुर से एलएलबी किया। इस दौरान वे 1990 से 1995 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मुंगेली तहसील इकाई के अध्यक्ष भी रहे। साहू समाज की राजनीति में अरुण साव की अच्छी पैठ है। अरुण साव 1996 से 2005 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा मे विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे।
वहीं, पिछली बार बिलासपुर लोकसभा से लखनलाल साहू सांसद निर्वाचित हुए थे। वे यहां से 1 लाख 76 हजार वोट से विजयी हुए थे। इसके बावजूद उनका टिकट काट कर अरुण साव को टिकट दिया गया और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव को हरा कर जीत हासिल की थी। इसके बाद अगस्त 2022 को आदिवासी वर्ग के विष्णुदेव साय को हटा कर अरुण साव को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपा गया। राज्य में बड़ी संख्या में ओबीसी वोटों की बहुलता को देखते हुए अरुण साव को अध्यक्ष बनाकर OBC वोटों को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।