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Assembly Election Result 2023 Analysis: आज यानी रविवार को चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना जारी है। हालांकि, तस्वीर लगभग-लगभग साफ हो चुकी है। तेलंगाना में तो कांग्रेस बहुमत से सरकार बना रही है लेकिन बाकी तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वह भाजपा से काफी पीछे है। इन तीनों ही राज्यों में भाजपा बहुमत से सरकार बनाती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस चुनावी परीक्षा में फेल कैसे हो गए।
200 विधानसभा क्षेत्रों वाले राजस्थान में इस बार 199 सीटों पर चुनाव हुआ था। खबर लिखे जाने तक भाजपा 115 सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस के पास 69 सीटों पर बढ़त है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को पूरी उम्मीद थी कि वह फिर से सत्ता में आएगी। लेकिन रिवाज के मुताबिक जनता को चुनती नजर आ रही है।
राजस्थान में कांग्रेस की हार का एक मुख्य कारण पार्टी नेताओं में आपसी मनमुटाव रहा।
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अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही अनबन कोई नई नहीं है और इसका असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी पड़ा। दूसरा, भाजपा ने यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा और अपने सांसदों को भी चुनाव में उतारा। इससे यह संदेश गया कि जीतने पर प्रदेश का मुख्यमंत्री कोई भी बन सकता है। वहीं कांग्रेस ने पूरा चुनाव केवल गहलोत के भरोसे लड़ा।
मध्य प्रदेश में 2018 का विधानसभा चुनाव यूं तो कांग्रेस ने जीता था लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने उस सरकार को ज्यादा दिन चलने नहीं दिया। महज 15 महीने बाद ही राज्य में भाजपा की सरकार बन गई थी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बन गए थे।
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यहां कांग्रेस की हार के कई कारण रहे। इनमें पार्टी का यह मान लेना कि राज्य की जनता में भाजपा के खिलाफ माहौल है, जमीनी स्तर पर कमजोर प्लानिंग, भाजपा के खिलाफ जरूरी चुनावी रणनीति का अभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भी भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार का अहम कारण माना जा रहा है।
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने शानदार जीत हासिल की थी और भाजपा केवल 15 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन इस बार भाजपा ने अनुमान के उलट बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भाजपा यहां भी इस बार बहुमत से सरकार बनाती दिख रही है।
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यहां भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस की हार के कारणों की बात करें तो सबसे बड़ा बिंदु यह उभरता है कि पार्टी पूरी तरह से मतदाताओं की नस पकड़ने में नाकाम रही। वहीं भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव प्रचार में उतारा। भाजपा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को जमकर उछाला और जनता को अपने पक्ष में करने में सफलता पाई।
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