---विज्ञापन---

बिहार

बिहार में फिर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें क्यों? जातीय समीकरण साधना या वजह कुछ और

Bihar Nitish cabinet expansion inside story: बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट होने के बाद ही नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें शुरू हो गई हैं. मौजूदा सरकार में 27 मंत्री शामिल हैं. नौ नए मंत्री बनाए जाने हैं, जिनमें जेडीयू कोटे के 6 और भाजपा के 3 नए मंत्रियों के पद खाली हैं. जानें, अभी से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें क्यों शुरू हुईं?

Author By: Vijay Jain Updated: Nov 30, 2025 12:49
Bihar Nitish cabinet expansion

Bihar Nitish cabinet expansion inside story: बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें शुरू हो गई हैं. एनडीए की बैठक में तय कोटे से हिसाब से देखा जाए तो सीटों के हिसाब से अधिकतम 36 मंत्री बन सकते थे, मौजूदा संख्या 27 है, इसलिए कैबिनेट में नौ मंत्रियों की जगह खाली है, जिसमें जेडीयू के कोटे से 6 और भाजपा के कोटे से 3 नए मंत्री बनाए जाएंगे. मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी इसी वजह से है, एक तो मंत्रियों के खाली पद भरे जा सकेंगे. नए जातिगत समीकरण बैठाए जा सकते हैं, यानि जिन जातिवर्ग को मंत्रिमंडल में कम जगह मिली हैं, नए मंत्रियों में उसी जाति वर्ग को प्राथमिकता दी सकती है. साथ ही कई मौजूदा मंत्रियों के पास विभागों की संख्या जगह हैं, उन पर काम का बोझ कम करने का मकसद भी मंत्रिमंडल विस्तार का मुख्य कारण है.

यह भी पढ़ें: बिहार में किन महिलाओं के खाते में आए हैं 10 हजार रुपये? नीतीश सरकार ने 10 लाख के लिए जारी की है किस्त

---विज्ञापन---

किस मंत्री के पास एक से ज्यादा विभाग

सूत्र बताते हैं कि जेडीयू और भाजपा के चार-चार मंत्रियों के पास एक से ज्यादा विभाग हैं. जेडीयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव कभी पांच विभाग संभाल रहे हैं. विजय चौधरी के कंधे पर भी चार विभागों का कार्यभार है. सुनील कुमार और श्रवण कुमार के पास दो-दो विभाग है. इसी तरह भाजपा मंत्री नितिन नवीन, अरुण शंकर प्रसाद, मंगल पांडेय और विजय सिंह के पास भी दो-दो विभाग हैं. नए मंत्री आने के बाद उनमें भी विभागों का बंटवारा हो सकेगा.

अभी 27 मंत्रियों में किस पार्टी के कितने मंत्री

बिहार सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 14 मंत्री हैं, जेडीयू कोटे से 9 मंत्री हैं, चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी कोटे से 2 मंत्री, जीतन राम मांझी की पार्टी हम कोटे से एक मंत्री और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम कोटे से एक मंत्री है. फॉमूले के हिसाब से भाजपा कोटे में 3 नए मंत्री शामिल होंगे. जेडीयू के कोटे से 9 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं. जेडीयू अति-पिछड़ा वर्ग और कुशवाहा समाज को मंत्रिमंडल विस्तार में प्राथमिकता दे सकती है.

---विज्ञापन---

मंत्रिमंडल में कैसे साधा जातिगत समीकरण

बिहार सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में पांच दलित, चार राजपूत, तीन कुशवाहा, दो वैश्य मंत्री, दो भूमिहार, दो यादव, दो कुर्मी, दो मल्लाह और मुस्लिम, ब्राहमण, कायस्थ, सुढी और अति पिछड़ा वर्ग से एक-एक विधायक को कैबिनेट में जगह मिली है.

यह भी पढ़ें: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद NDA को झटका, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से कई नेताओं का इस्तीफा

First published on: Nov 30, 2025 12:49 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.