धरती के पाताल में मिला 'नरक का कीड़ा'! बिना आंख और ऑक्सीजन के जी रहा यह 'शैतानी जीव', वैज्ञानिकों के उड़े होश

Science News: धरती की गहराई में एक ऐसा बहुकोशिकीय ‘शैतानी कीड़ा’ मिला है, जो बिना रोशनी और ऑक्सीजन के भीषण गर्मी में भी जीवित है. इस खोज ने ब्रह्मांड में जीवन की संभावनाओं को नई दिशा दी है.

devil worm Halicephalobus mephisto

Science News in Hindi: दक्षिण अफ्रीका की एक सोने की खदान में वैज्ञानिकों को एक ऐसा जीव मिला है जिसका वहां होना नामुमकिन माना जाता था. चावल के दाने से भी छोटा यह जीव जमीन की सतह से करीब 1.3 किलोमीटर नीचे चट्टानों की दरारों में रह रहा है. इसे ‘हेलिसिफालोबस मेफिस्टो’ या ‘डेविल वॉर्म’ यानी शैतानी कीड़ा नाम दिया गया है. यह जीव ऐसी भयानक स्थितियों में जिंदा है जहां दुनिया के सबसे मजबूत जानवर भी दम तोड़ दें. बिना आंखों वाला यह छोटा सा कीड़ा अंधेरे और अत्यधिक दबाव के बीच सालों से रह रहा है, जिसने विज्ञान की पुरानी समझ को पूरी तरह बदल कर रख दिया है.

विज्ञापन

लाखों सालों से कैद है यह ‘डेविल वॉर्म’

साल 2011 में हुई इस खोज ने सबको इसलिए चौंका दिया क्योंकि इतनी गहराई में अब तक सिर्फ बैक्टीरिया ही पाए जाते थे. किसी बहुकोशिकीय जीव का इतनी गहराई में मिलना नामुमकिन माना जाता था, जहां न सूरज की रोशनी पहुंचती है और न ही ऑक्सीजन का कोई बड़ा स्रोत है. यह खदान लाखों सालों से बाहरी दुनिया से कटी हुई है और वहां का तापमान बेहद ज्यादा है. यह कीड़ा वहां सिर्फ बच नहीं रहा है, बल्कि वहां के वातावरण में काफी अच्छे से फल-फूल रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कोई सतह का जीव नहीं है जो गलती से नीचे गिर गया, बल्कि यह पाताल की गहराइयों का ही मूल निवासी है.

विज्ञापन

DNA में छिपा है गर्मी झेलने का राज

साल 2019 में इस शैतानी कीड़े के जीनोम पर की गई रिसर्च से एक बड़ा खुलासा हुआ है. इसके डीएनए में कुछ खास जीन पाए गए हैं जो इसे अत्यधिक गर्मी और तनाव को झेलने की ताकत देते हैं. साधारण शब्दों में कहें तो इस कीड़े ने खुद को इस तरह विकसित कर लिया है कि यह उन परिस्थितियों में भी काम कर सकता है जो किसी भी अन्य जीव को जलाकर राख कर दें. रिसर्च में यह भी सामने आया है कि इसके शरीर में एक खास प्रोटीन ‘थर्मामीटर’ की तरह काम करता है, जो इसे तापमान में होने वाले बदलावों को तुरंत महसूस करने और उनके प्रति प्रतिक्रिया देने में मदद करता है.

विज्ञापन

ब्रह्मांड में जीवन की नई उम्मीद

इस छोटी सी खोज के पीछे बहुत बड़ा संदेश छिपा हुआ है. लंबे समय तक वैज्ञानिक मानते थे कि जीवन सिर्फ धरती की सतह पर ही फल सकता है, लेकिन डेविल वॉर्म ने इस सोच को बदल दिया है. यह साबित करता है कि धरती का रहने लायक इलाका हमारी सोच से कहीं ज्यादा बड़ा और अजीब है. अगर एक जीव बिना ऑक्सीजन और भारी गर्मी के बीच चट्टानों में रह सकता है, तो ब्रह्मांड के दूसरे ग्रहों पर भी जीवन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. यह नन्हा कीड़ा इस बात का पुख्ता सबूत है कि जीवन हर उस जगह अपना रास्ता बना लेता है जिसे हम अब तक मरा हुआ समझते थे.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ