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Surya Grahan 2026 Today: आज लगेगा 4 घंटे 31 मिनट का लंबा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं, जानें सटीक समय और सूतक काल

Surya Grahan 2026 Today: आज मंगलवार, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के साथ भौमवती अमावस्या और साल का पहला सूर्य ग्रहण भी है, जो खगोलीय और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. आइए जानते हैं, यह ग्रहण कब से कब तक है, भारत में दिखेगा या नहीं और सूतक काल क्या है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Feb 17, 2026 08:43
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Surya Grahan 2026 Today: आज मंगलवार 17 फरवरी खगोलीय, ज्योतिषीय और धार्मिक रूप से के बेहद महत्वपूर्ण दिन है. आज फाल्गुन अमावस्या है, जो मंगलवार को पड़ने के कारण एक भौमवती अमावस्या भी है. इसी के साथ आज साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. आइए जानते हैं, यह ग्रहण आज कितने से कितने बजे तक लगेगा, कहां-कहां दिखाई देगा, भारत में दिखेगा या नहीं और इसका सूतक काल क्या है?

कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है, जो तब लगता है जब अपनी गति की दौरान सूरज और धरती के बीच में चांद आ जाता है. तब सूरज, चांद से ढक जाता है, परिणामस्वरूप धरती पर सूर्य की रौशनी नहीं आ पाती है. इसे ही सूर्य ग्रहण कहा गया है. वहीं भारत की पौराणिक कथाओं में सूर्य ग्रह का संबंध राहु से जुड़ा है, जो अमावस्या तिथि को सूर्य को निगल लेता है.

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कितने बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण?

आज 17 फरवरी, 2026 साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है, जो एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है. इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहा जाता है. भारतीय समयानुसार (IST) ग्रहण लगने के सटीक समय की जानकारी इस प्रकार है:

सूर्य ग्रहण का आरंभ: दोपहर बाद 3:26 PM बजे (IST)
सूर्य ग्रहण मध्य काल (पीक आवर): शाम लगभग 5:40 PM बजे से 5:42 PM बजे के बीच
सूर्य ग्रहण का समापन: शाम 7:57 PM बजे (IST)
कुल अवधि: लगभग 4 घंटे 31 मिनट

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सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं?

नासा (NASA) और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, आज 17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. भारत उत्तरी गोलार्ध में है और इस विशेष ग्रहण का मार्ग पृथ्वी के दक्षिणी भाग, मुख्यतः अंटार्कटिका और आसपास के समुद्री इलाके से होकर गुजर रहा है. इस वजह से भारत के किसी भी शहर, जैसे दिल्ली या कन्याकुमारी में ग्रहण का दृश्य नहीं बनेगा.

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

खगोलीय गणना के अनुसार, ग्रहण की वलयाकार अवस्था केवल अंटार्कटिका और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में ही दिखाई देगी. इसके अलावा दक्षिणी अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका जैसे कुछ दक्षिणी गोलार्ध के इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिख सकता है.

सूर्य ग्रहण का सूतक काल

ज्योतिष नियम के अनुसार, चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसलिए आज सामान्य सामाजिक और धार्मिक दिनचर्या जारी रहेगी और मंदिरों के द्वार भी खुले रहेंगे. आपको बता दें, धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के लिए सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले माना जाता है. यह ग्रहण की समाप्ति पर समाप्त होता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 17, 2026 08:43 AM

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