5 महीने बाद फिर लगेगा साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें भारत पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Surya Grahan 2024 Kab Hai: वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण अश्विन माह की अमावस्या तिथि पर लगने वाला है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगने वाला है। साथ ही भारत में सूतक काल का मान्य रहेगा या नहीं। कहां-कहां साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इन सभी के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Surya Grahan 2024
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Surya Grahan 2024 Kab Hai: ब्रह्मांड में सूर्य ग्रह एक खगोलीय घटना है लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसका बहुत ज्यादा महत्व है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2024 में दो बार सूर्य ग्रह लगने वाला है। पहला ग्रहण 8 अप्रैल को लग चुका है और दूसरा कुछ महीने बाद लगने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार, जब सूर्य ग्रहण लगता है तो पृथ्वी पर मौजूद सभी प्राणियों पर कुछ न कुछ प्रभाव जरूर पड़ता है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रह कब लगने वाला है साथ ही क्या सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत में पड़ेगा और सूर्य ग्रहण किन-किन देश में दिखाई देने वाला है।

साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब

वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण अश्विन माह की अमावस्या तिथि को लगने वाला है। बता दें कि इस दिन सर्व पितृ अमावस्या भी है। सर्व पितृ अमावस्या की रात 9 बजकर 13 मिनट पर सूर्य ग्रहण लगने वाला है और मध्य रात्रि 03 बजकर 17 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। पंचांग के अनुसार, ग्रहण का कुल समय 06 घंटे 04 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण भी मान्य नहीं रहेगा और न ही भारत में दिखाई देने वाला है। दूसरा सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं रहेगा।

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कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

खगोलीय घटना के अनुसार, साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देने वाला है। ग्रहण का प्रभाव ब्राजील, आर्कटिक, कूक आइलैंड, पेरू, होनोलूलू, चिली, आर्कटिक, आर्कटिका, उरुग्वे, ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना फिजी, न्यूजीलैंड, मैक्सिको और बेका आइलैंड आदि स्थानों पर सूर्य ग्रहण दिखाई देने वाला है।

क्या रहेगा ग्रहण का सूतक काल का समय

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य ग्रहण लगता है तो उससे ठीक 12 घंटे पहले तक सूतक काल का समय शुरू हो जाता है। इस बार भी भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा। इसलिए भारत में सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, जब सूतक काल लगता है तो शुभ कार्यों और मांगलिक कार्यों पर रोकर लग जाता है। साथ ही मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। 

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