Shattila Ekadashi 2026 Upay: हर साल माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित ‘षटतिला एकादशी’ का व्रत रखा जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, साल 2026 में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है, जो कि इस साल (2026) की पहली एकादशी भी है. धार्मिक मान्यता है कि षटतिला एकादशी पर व्रत, विष्णु जी की पूजा और तिल का दान करने से पापों का प्रायश्चित होता है. इसके अलावा कुछ उपायों को करने से विष्णु जी से मनोकामना पूर्ति का भी आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है.
चलिए अब जानते हैं शास्त्रों में बताए गए ‘षटतिला एकादशी’ पर किए जाने वाले तीन (3) प्रभावशाली उपायों के बारे में. साथ ही आपको ‘षटतिला एकादशी’ से जुड़े कुछ जरूरी नियमों के बारे में जानने को मिलेगा.
षटतिला एकादशी के उपाय (Shattila Ekadashi Upay)
- षटतिला एकादशी के दिन विष्णु जी की पूजा करने से पहले माता तुलसी की पूजा करें. उनके पास घी का दीपक जलाएं और चूरमे का प्रसाद चढ़ाएं. इससे आपको श्रीहरि के साथ-साथ देवी तुलसी की कृपा प्राप्त होगी और जीवन में मिठास घुलेगी.
- यदि आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आता है या हर समय आप मानसिक रूप से परेशान रहते हैं तो षटतिला एकादशी के दिन सुबह-शाम विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. इससे आपको नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलेगी और मेंटल हेल्थ में सुधार होगा.
- अगर आप किसी बड़ी परेशानी में फंसे हुए हैं या कोई काम लंबे समय से पूरा नहीं हो रहा है तो षटतिला एकादशी पर विष्णु जी की पूजा करने के बाद पीले वस्त्र, पीली दाल, पीले फल या कोई भी पीली वस्तु का दान करें. इससे आपको विष्णु कृपा की प्राप्ति होगी और पाप नष्ट होंगे. इसके अलावा अटके हुए कार्यों को गति मिलेगी.
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षटतिला एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए? (Shattila Ekadashi Niyam)
- किसी का अपमान न करें.
- नकारात्मक चीजों से दूर रहें.
- दिन के समय न सोएं.
- ब्रह्मचर्य का पालन करें.
- नाखून न कांटे.
- चावल न खाएं और न ही खरीदकर घर लाएं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










