संतान और परिवार की सुख समृद्धि के लिए महिलाओं द्वारा रखे जाना वाला सकट चौथ व्रत चांद नजर आने के साथ ही पूरा हो गया. सकट चौथ का चांद आसमान में नजर आ चुका है और कई शहरों से महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दी हैं. संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और पति व परिवार की खुशहाली की कामना के साथ महिलाओं ने सुबह से निर्जला व्रत रखकर पूरे दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की.
सोशल मीडिया पर शेयर की गई अलग-अलग शहरों से चांद की तस्वीर के साथ यूजर्स ने बताया कि उन्हें सकट चौथ के चांद के दर्शन हो गए हैं. राजस्थान के जयपुर, बाड़मेर, कुचामन और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में चांद नजर आ चुका है. आनंदपुर साहिब में चांद का दीदार रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच हुआ. संकट चतुर्थी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद ही भोजन ग्रहण किया. पठानकोट, मोहाली, बठिंडा, पटियाला, धर्मशाला, शिमला, हरिद्वार में भी श्रद्धालु चांद निकलने के बाद गणेश पूजा और अर्घ्य देकर खाना खाया.
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाने वाला यह व्रत कई जगहों पर तिलकुटा चौथ, संकष्टी चौथ या माघ कृष्ण चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए क्षेत्र के अनुसार इसके रीति-रिवाजों में थोड़ा फर्क देखने को मिलता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस बार सकट चौथ पर बने तीन शुभ योग– सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग– व्रत की शुभता को और बढ़ा रहे हैं और इसे विशेष फलदायी माना जा रहा है.










