---विज्ञापन---

Religion

Neem Karoli Baba: जरूर जानें नीम करोली बाबा की ये अनमोल बातें, हनुमान जी करेंगे बेड़ा पार

Neem Karoli Baba: आधुनिक भारत के महान संत नीम करोली बाबा हनुमान जी के परम भक्त थे. आइए जानते हैं नीम करोली बाबा के वे अमूल्य और प्रेरक विचार, जो जीवन के कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाते हैं, मन को धैर्य देते हैं और सही मार्ग पर आगे बढ़ने का साहस प्रदान करते हैं.

Author Written By: Shyamnandan Updated: Jan 10, 2026 20:27
Neem-Karoli-Baba

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा को आधुनिक भारत के महान संतों में गिना जाता है. वे हनुमान जी के परम भक्त थे. उनका जीवन सेवा, करुणा और भक्ति का उदाहरण रहा है. उत्तराखंड के कैंची धाम में स्थित उनका आश्रम आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र है. देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग वहां दर्शन के लिए आते हैं. कहा जाता है कि कई प्रसिद्ध व्यक्तित्व भी उनके विचारों से प्रभावित रहे.

नीम करोली बाबा कहते थे कि जीवन में दुख और परेशानी आना स्वाभाविक है. कोई भी व्यक्ति इससे बच नहीं सकता. लेकिन संकट के समय घबराने के बजाय धैर्य रखना चाहिए. वे समझाते थे कि समय सदा एक जैसा नहीं रहता है. आज कठिनाई है तो कल राहत भी मिलेगी. इसलिए मन को शांत रखकर सही प्रयास करते रहना जरूरी है. आइए जानते हैं, जानें नीम करोली बाबा की अनमोल बातें जो कठिन समय में सहारा देती हैं.

---विज्ञापन---

भरोसा और भक्ति की शक्ति

बाबा का मानना था कि सच्ची भक्ति व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है. वे हनुमान जी की उपासना पर विशेष जोर देते थे. उनके अनुसार, जो मन से हनुमान जी का स्मरण करता है, उसका मार्ग सरल होता जाता है. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ मन में साहस और सकारात्मकता लाता है. इससे भय कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है.

यह भी पढ़ें: Samudrik Shastra: मध्यमा उंगली में छिपे हैं करियर, मेहनत और सफलता के संकेत, जानें क्या बताती है लचीली, सीधी या चौड़ी उंगली

---विज्ञापन---

सेवा से मिलता है सच्चा सुख

नीम करोली बाबा सेवा को सबसे बडा धर्म मानते थे. वे कहते थे कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद की सहायता करने से मन को शांति मिलती है. सेवा केवल धन से ही नहीं होती. किसी को समय देना, सहारा देना या सही मार्ग दिखाना भी सेवा है. सेवा से अहंकार कम होता है और जीवन में संतुलन आता है.

सादा जीवन, ऊंचा विचार

बाबा स्वयं बहुत सादा जीवन जीते थे. वे दिखावे और संग्रह से दूर रहने की सीख देते थे. उनका कहना था कि कम में संतोष सीखना चाहिए. जब इच्छाएं सीमित होती हैं, तब तनाव अपने आप घटता है. सरल जीवन से मन हल्का रहता है और सोच स्पष्ट होती है.

प्रेम और क्षमा का अभ्यास

नीम करोली बाबा प्रेम को सबसे बडी शक्ति मानते थे. वे कहते थे कि क्रोध और द्वेष से केवल दुख बढ़ता है. क्षमा करने से मन मुक्त होता है. जब हम दूसरों को समझने का प्रयास करते हैं, तब संबंध मजबूत होते हैं. प्रेम से किया गया छोटा कार्य भी बडा प्रभाव डालता है.

रोजमर्रा के जीवन के लिए बाबा की सीख

उनके उपदेश केवल सुनने के लिए नहीं थे. वे रोजमर्रा के जीवन में अपनाने के लिए थे. धैर्य, भक्ति, सेवा, सरलता और प्रेम. इन पांच बातों को यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन में उतार ले, तो कठिन से कठिन राह भी आसान लगने लगती है.

यह भी पढ़ें: Holi Kab Hai: 2026 की होली कब है? जानें सही डेट और आज ही करें छुट्टियों की प्लानिंग, बुक करें ट्रेन टिकट

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jan 10, 2026 08:26 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.