Kaalchakra Today 20 March 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, जिसकी शुरुआत 19 मार्च 2026 को हुई थी. वहीं, समापन 27 मार्च 2026 को होगा. मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करने से लाभ होता है. हालांकि, पूजा-पाठ के अलावा कुछ विशेष मंत्रों, कवच, स्तुति और आरती पढ़ना भी शुभ होता है. खासकर, नवार्ण मंत्र का निरंतर जाप करना शुभ माना गया है. इस मंत्र के जाप से मां दुर्गा के साथ-साथ देवी सरस्वती, देवी काली और देवी महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है और कुणडलिनी जाग्रत होती है.
आज 20 मार्च 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको नवार्ण मंत्र के महत्व और लाभ आदि के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.
- नवार्ण मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
नवार्ण मंत्र का महत्व
- ऐं- ये सरस्वती का बीज मंत्र है. इससे मां दुर्गा के पहले स्वरूप की उपासना होती है, जिससे सूर्य ग्रह मजबूत होता है.
- ह्रीं- ये महालक्ष्मी का बीज मंत्र है. इससे मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप की उपासना होती है, जिससे चंद्रमा ग्रह मजबूत होता है.
- क्लीं- ये महाकाली का बीज मंत्र है. इससे मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की उपासना होती है, जिससे मंगल ग्रह मजबूत होता है.
- चा- इससे मां कुष्मांडा की उपासना होती है, जिससे बुध ग्रह शुभ फल देता है.
- मुं- इससे मां दुर्गा की 5वीं शक्ति स्कंदमाता की पूजा होती है, जिससे गुरु ग्रह मजबूत होता है.
- डा- इससे मां कात्यायनी की उपासना होती है, जिससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है.
- यै- इस बीज मंत्र से मां कालरात्रि की उपासना होता है, जिससे शनि ग्रह की कृपा प्राप्त होती है.
- वि- इस बीज मंत्र से मां महागौरी की उपासना होती है, जिससे राहु ग्रह शांत होता है.
- चै- इस बीज मंत्र से मां सिद्धियात्री की उपासना होती है, जिससे केतु ग्रह की कृपा मिलती है.
यदि आप नवार्ण मंत्र से जुड़े नियम, लाभ और अन्य जरूरी बातों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










