साल 2025 में 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के साथ होगा। नवरात्रि का हर एक दिन मां दुर्गा को समर्पित है, जिस दौरान पूजा-पाठ और व्रत रखने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को समर्पित कुछ विशेष पाठ का जाप करना भी शुभ रहता है, जिससे साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको उन विशेष पाठ के महत्व और उससे होने वाले लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे साधक को खास फायदा हो सकता है।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र
श्रीरुद्रयामल के गौरी तंत्र में शिव पार्वती संवाद के नाम से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र वर्णित है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र बहुत ही कल्याणकारी और शक्तिशाली स्तोत्र है। इसके पाठ से सभी जाप सिद्ध होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र और देवी सूक्त के पाठ के साथ आप अगर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, तो इससे आपको परम सिद्धि की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि दुर्गा सप्तशती का पाठ आपको मुश्किल लगे या पढ़ना का समय न हो तो ऐसे में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। इससे एक पूरी दुर्गा सप्तशती के पाठ करने के बराबर फल मिलता है।
विरोधी बढ़ गए हैं या विरोधियों के कारण आप डरे हुए रहते हैं, तो ऐसी परिस्थिति में भी सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके पाठ से मंत्र सिद्ध होते हैं और व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है। साथ ही सेहत, धन, परिवार और हर क्षेत्र में आ रही मुश्किलें दूर होती हैं।
इस पाठ को नवरात्रि में हर रोज पढ़ना चाहिए। नवरात्रि में जब अष्टमी तिथि और नवमी तिथि की संधि हो, तो अष्टमी तिथि के समाप्त होने से 24 मिनट पहले और नवमी तिथि के शुरू होने से 24 मिनट बाद तक का जो कुल 48 मिनट का समय है, उस दौरान माता ने देवी चामुंडा का रूप धारण किया था। इसे नवरात्रि का सबसे शुभ समय माना गया है। यही वो समय है, जब मां दुर्गा अपने भक्तों को वरदान देती हैं। इसलिए संधिकाल में 48 मिनट तक सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। हालांकि ब्रह्म मुहूर्त में भी सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=GqNu3Ck6nFo
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दुर्गा स्तुति
नवरात्रि में दुर्गा स्तुति का पाठ जरूर करना चाहिए। हालांकि आम दिनों में भी आप इसका जाप कर सकते हैं। दुर्गा स्तुति के पाठ से भय समाप्त होता है और शत्रुओं का नाश होता है। साथ ही तन, मन और धन तीनों सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा हर काम में सफलता मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन दुर्गा स्तुति का पूर्ण फल पाने के लिए इसका पाठ पूरे विधि-विधान से करना चाहिए।
यदि आप अन्य पाठ के महत्व के बारे में जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
साल 2025 में 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के साथ होगा। नवरात्रि का हर एक दिन मां दुर्गा को समर्पित है, जिस दौरान पूजा-पाठ और व्रत रखने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को समर्पित कुछ विशेष पाठ का जाप करना भी शुभ रहता है, जिससे साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको उन विशेष पाठ के महत्व और उससे होने वाले लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे साधक को खास फायदा हो सकता है।
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र
श्रीरुद्रयामल के गौरी तंत्र में शिव पार्वती संवाद के नाम से सिद्ध कुंजिका स्तोत्र वर्णित है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र बहुत ही कल्याणकारी और शक्तिशाली स्तोत्र है। इसके पाठ से सभी जाप सिद्ध होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र और देवी सूक्त के पाठ के साथ आप अगर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, तो इससे आपको परम सिद्धि की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि दुर्गा सप्तशती का पाठ आपको मुश्किल लगे या पढ़ना का समय न हो तो ऐसे में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। इससे एक पूरी दुर्गा सप्तशती के पाठ करने के बराबर फल मिलता है।
विरोधी बढ़ गए हैं या विरोधियों के कारण आप डरे हुए रहते हैं, तो ऐसी परिस्थिति में भी सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके पाठ से मंत्र सिद्ध होते हैं और व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है। साथ ही सेहत, धन, परिवार और हर क्षेत्र में आ रही मुश्किलें दूर होती हैं।
इस पाठ को नवरात्रि में हर रोज पढ़ना चाहिए। नवरात्रि में जब अष्टमी तिथि और नवमी तिथि की संधि हो, तो अष्टमी तिथि के समाप्त होने से 24 मिनट पहले और नवमी तिथि के शुरू होने से 24 मिनट बाद तक का जो कुल 48 मिनट का समय है, उस दौरान माता ने देवी चामुंडा का रूप धारण किया था। इसे नवरात्रि का सबसे शुभ समय माना गया है। यही वो समय है, जब मां दुर्गा अपने भक्तों को वरदान देती हैं। इसलिए संधिकाल में 48 मिनट तक सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। हालांकि ब्रह्म मुहूर्त में भी सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।
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दुर्गा स्तुति
नवरात्रि में दुर्गा स्तुति का पाठ जरूर करना चाहिए। हालांकि आम दिनों में भी आप इसका जाप कर सकते हैं। दुर्गा स्तुति के पाठ से भय समाप्त होता है और शत्रुओं का नाश होता है। साथ ही तन, मन और धन तीनों सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा हर काम में सफलता मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन दुर्गा स्तुति का पूर्ण फल पाने के लिए इसका पाठ पूरे विधि-विधान से करना चाहिए।
यदि आप अन्य पाठ के महत्व के बारे में जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।