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Hindu Beliefs: क्यों छुए जाते हैं मृत व्यक्ति के पैर? जानें अंतिम संस्कार से जुड़े इस रिवाज की मान्यता

Hindu Beliefs: हिंदू धर्म में व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के समय शव के पैर छुए जाते हैं. इस परंपरा के अनुसार, मृत व्यक्ति से छोटे लोग पैर छूते हैं. चलिए जानते हैं अंतिम संस्कार से जुड़े इस नियम की क्या मान्यता है?

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Feb 2, 2026 11:15
Hindu Beliefs
Photo Credit- AI

Hindu Beliefs: हिंदू धर्म में व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव का दाह संस्कार किया जाता है. अंतिम संस्कार को लेकर कई नियमों का पालन किया जाता है. इन्हीं में से एक परंपरा मृत व्यक्ति के पैर छूने की है. जब किसी की मृत्यु हो जाती है तो घर-परिवार में उससे छोटे लोग मृत व्यक्ति के पैर छूते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि, शव यानी मृत व्यक्ति के पैर क्यों छुए जाते हैं? चलिए जानते हैं कि यह रिवाज क्यों है और इस परंपरा के पीछे क्या वजह है?

व्यक्ति के प्रति अंतिम सम्मान

मृत्यु के बाद पैर छूकर उसके प्रति अंतिम सम्मान और आभार जताया जाता है. मृत व्यक्ति के पैर छूना एक प्रकार से उस व्यक्ति के प्रति मौन धन्यवाद जताने का तरीका है. इस प्रकार से मृत व्यक्ति के प्रति समान का भाव प्रकट होता है.

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संस्कार और परंपरा

हिंदू धर्म में पैर छूने की परंपरा है. बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है. इसी परंपरा के कारण मृत व्यक्ति के पैर छुए जाते हैं. यह एक प्रकार से मृत व्यक्ति के लिए अंतिम विदाई की तरह होता है.

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अंतिम आशीर्वाद

मृत्यु के बाद व्यक्ति की आत्मा नए सफर पर निकल जाती है. आत्मा की शांति के लिए और आशीर्वाद के लिए पैर छुए जाते हैं. मृत व्यक्ति के अंतिम बार पैर छूकर अंतिम आशीर्वाद लिया जाता है. ऐसी मान्यता है कि, इससे मानसिक शांति मिलती है और जीवन में शांति बनी रहती है.

अंतिम सुकून के पल

किसी अपने को खोना बहुत ही दुख की बात होती है. दुख को कम करने और अंतिम समय में कुछ सुकून के पलों के लिए मृत व्यक्ति के पैर छुए जाते हैं और अंतिम बार चेहरा देखा जाता है. इससे सच्चाई को स्वीकार करने में और दर्द को हल्का करने में मदद मिलती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 02, 2026 11:15 AM

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