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Religion

Gita Updesh: रोज सुबह की ये 4 आदतें बदल देती है किस्मत, नहीं होती है कभी धन की कमी

Gita Updesh: श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, सुबह की कुछ दिव्य आदतें मन, ऊर्जा और भाग्य, इन तीनों को बदल सकती हैं. आइए जानते हैं, सुबह की वे 4 साधनाएं कौन-सी हैं, जो घर से दरिद्रता दूर कर समृद्धि आमंत्रित करती हैं और इन्हें अपनाने पर जीवन में कैसी परिवर्तनकारी ऊर्जा जागृत होती है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Nov 26, 2025 19:25
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Gita Updesh: बहुत से लोग पूरे जीवन मेहनत करते हैं, फिर भी घर में धन की कमी बनी रहती है. योजनाएँ सफल नहीं होतीं और मन लगातार बेचैन रहता है. श्रीमद्भगवद्गीता में बताया गया है कि सुबह की कुछ आदतें व्यक्ति के भाग्य को बदल सकती हैं. इन आदतों से न केवल मन शांत होता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का भी प्रवेश होता है. आइए जानें, वे 4 सुबह की दिव्य आदतें कौन-सी हैं, जो घर से दरिद्रता दूर कर देती हैं?

सूर्योदय से पहले उठना

गीता में ‘काल’ यानी समय को सबसे शक्तिशाली बताया गया है. जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है, समय भी उसी को फल देता है. सूर्योदय से पहले का समय ब्रह्ममुहूर्त कहलाता है. इस समय उठने से मन तेज होता है, सोच स्पष्ट होती है और योजनाएं सफल होने लगती हैं. सूर्य की पहली किरण घर और मन दोनों में ऊर्जा भर देती है. ऐसा माना जाता है कि ताजी किरणें घर में सकारात्मकता और धन आकर्षण का वातावरण बनाती हैं.

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उठते ही ईश्वर का नाम लें

सुबह जागने के तुरंत बाद मन एकदम शांत और कोमल होता है. इस समय लिया गया ईश्वर स्मरण पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है. राधे-कृष्ण, सीता-राम या नारायण-नारायण जैसे मंत्र मन को भक्तिभाव से भर देते हैं. इसके बाद हथेलियों का दर्शन करते हुए ‘करदर्शन मंत्र’ मंत्र का जाप किया जाए, तो माना जाता है कि दिन धन, ज्ञान और सफलता से भरपूर बीतेगा. यह छोटी-सी आदत मन में आस्था भी जगाती है और आत्मविश्वास भी बढ़ाती है.

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सूर्य देव को जल अर्पित करें

सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. सुबह एक तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ होता है. इससे मन स्थिर होता है और बुरी ऊर्जा दूर होती है. नियमित रूप से अर्घ्य देने वाले घरों में मानसिक तनाव कम और सकारात्मकता अधिक रहती है. जब मन शांत होता है, निर्णय सही होते हैं. सही निर्णय ही आगे चलकर धन-संपत्ति का कारण बनते हैं. इसलिए यह आदत केवल धार्मिक नहीं, जीवन में अनुशासन और ऊर्जा लाने का मार्ग भी है.

श्रीकृष्ण की भक्ति और पूजा

गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है- ‘मां शरणं वृज.’ अर्थात जो मेरी शरण आता है, मैं उसका कल्याण स्वयं करता हूं. सुबह उनकी प्रतिमा या थाली में चंदन से बने ‘स्वस्तिक’ और ‘ॐ’ के चिह्न पर तुलसी पत्ते अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह एक प्रकार का सकारात्मक ऊर्जा यंत्र बन जाता है, जिसे प्रणाम करने से मन भक्तिभाव से भर जाता है. कहा जाता है कि जहां श्रीकृष्ण की कृपा होती है, वहां धन, प्रेम और आनंद स्वाभाविक रूप से आते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Nov 26, 2025 06:51 PM

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