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Garuda Purana: मृत्यु के बाद नाक-कान में क्यों लगाई जाती है रुई? जानिए गरुड़ पुराण और विज्ञान से जुड़ा रहस्य

Garuda Purana: अंतिम संस्कार के दौरान आपने अक्सर देखा होगा कि, मृत्यु के बाद शव के नाक और कान में रुई लगा दी जाती है. आइये इसके पीछे के कारण के बारे में जानते हैं.

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गरुड़ पुराण के नियम (Photo Credit - AI)

Garuda Purana: मृत्यु के बाद शव के नाक और कान में रुई लगा दी जाती है. आप लोगों ने अक्सर अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा देखा होगा. लेकिन कम ही लोग इसके पीछे के कारण के बारे में जानते हैं. बता दें कि, हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार को लेकर कई नियमों का पालन करना होता है. गरुड़ पुराण से जुड़े इन नियम और परंपराओं के बारे में जानते हैं. इसके साथ ही विज्ञान में इसके पीछे के कारण के बारे में जानते हैं.

गरुड़ पुराण से जुड़ी मान्यताएं

गरुड़ पुराण के नियमों और मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के समय शरीर से प्राण निकल जाते हैं. इसके बाद नाक-काम और मुंह को रुई से बंद कर दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि, मृत्यु के बाद जीवात्मा का शरीर के प्रति मोह एक साथ समाप्त नहीं होता है. वह दोबारा से देह में प्रवेश करने कर सकती है.

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इस स्थिति को रोकने के लिए शरीर के खुले मार्गों को रुई से बंद कर दिया जाता है. ऐसा करने से आत्मा की आगे की यात्रा आसान होती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, शरीर के निष्प्राण होने के बाद नकारात्मक शक्तियों से शव को बचाने के लिए ऐसा किया जाता है. ऐसे में नकारात्मक शक्ति और अशुभ ऊर्जा शरीर में प्रवेश नहीं करती है.

नाक-कान में रुई लगाने को लेकर वैज्ञानिक कारण

शरीर से प्राण निकलने के बाद शव के अंग ढीले पड़ने लगते हैं. शव में जैविक और रासायनिक प्रक्रियाएं शुरू हो जाती है. ऐसे में शव को खराब होने से बचना के लिए ऐसा किया जाता है. शव के नाक और कान में रुई लगाने से प्राकृतिक रिसाव को रोक सकते हैं. शरीर में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीव तेजी से बढ़ने लगते हैं. ऐसे में नाक, कान और मुंह में रुई लगाने से शरीर को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है. शव को बाहरी अशुद्धि जैसे मक्खी-मच्छर या अन्य सूक्ष्म जीव से बचाने के लिए रुई लगाते हैं. शव को सुरक्षित रखने के साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया स्वच्छता के साथ पूरा किया जा सकता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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