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Mahabharat Facts: अंतिम समय में दुर्योधन ने भगवान श्रीकृष्ण को दिखाई थीं 3 उंगली, जानिए क्या था इनका मतलब?

Mahabharat Facts: महाभारत के युद्ध के अंत में जब दुर्योधन मरने वाला था, तब उसने भगवान श्रीकृष्ण को तीन उंगलियां दिखाई थीं। इन तीन उंगलियों को देखते ही श्रीकृष्ण ने उनको मोड़ दिया था।

Author Edited By : Mohit Updated: Feb 28, 2025 20:52
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दुर्योधन ने क्यों दिखाई थीं कान्हा को उंगुलियां?

Mahabharat Facts: महाभारत के युद्ध में बड़े-बड़े योद्धाओं ने भाग लिया। जो भी दुर्योधन की तरफ से लड़ा, वो मारा गया। महाना योद्धाओं के बाद भी युद्ध के अंत में दुर्योधन अकेला बचा था और उसका युद्ध भीम के साथ हुआ था। इस युद्ध में महाबली भीम ने अपनी गदा से दुर्योधन की जंघा तोड़ दी थी।

जब दुर्योधन मरने वाला था, तब उसने भगवान श्रीकृष्ण को तीन उंगलिया दिखाई थीं। भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन की उंगलियों को तुरंत मोड़ दिया था। आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण ने ऐसा क्यों किया था।

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दुर्योधन ने बताई थीं अपनी गलतियां

कौरवों के वंश के विनाश का सबसे बड़ा उत्तरदायी दुर्योधन था। उसने अंत तक भी शांति की जगह युद्ध को चुना। अधर्म के मार्ग पर चलने के कारण दुर्योधन को मृत्यु मिली। दुर्योधन और भीम के युद्ध में जब भीम ने दुर्योधन की जंघा तोड़ दी थी तो वह मरने की कगार पर था। इस दौरान उसने भगवान श्रीकृष्ण को तीन उंगलियां दिखाकर अपनी तीन गलतियों के बारे में बताया था।

पहली उंगली का था ये मतलब

दुर्योधन ने अपनी पहली उंगली से भगवान श्रीकृष्ण को बताया कि उसकी सबसे बड़ी गलती ये थी कि उसने भगवान को छोड़कर उनकी नारायण सेना मांगी थी। उसने कहा कि अगर मैंने आपको मांगा होता मैं यहां नहीं होता।

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दूसरी उंगली से बताई ये बात

दुर्योधन ने अपनी दूसरी गलती बताई कि युद्ध के अंत में उसने भगवान श्रीकृष्ण की बात मानी, जबकि वो शत्रु के सहायक थे। इसके पीछे वजह यह थी कि दुर्योधन के पिता जन्म से अंधे थे। जब उनकी शादी गांधारी से हुई तो पति धर्म निभाते हुए गांधारी ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। युद्ध के अंतिम दिन गांधारी ने दुर्योधन को बोला कि नदी में स्नान करके मेरे पास नग्न अवस्था में आना, लेकिन इसी बीच में भगवान श्रीकृष्ण मिल गए और उन्होंने दुर्योधन से कहा कि माता के सामने नग्न अवस्था में जाना शोभा नहीं देता है।

यह सुनकर दुर्योधन ने जंघा के पास पेड़ के पत्ते लपेट लिए। जब गांधारी ने आंखों से पट्टी हटाकर दुर्योधन को देखा तो उसका पूरा शरीर वज्र समान हो गया, बस उसकी जांघ वाला वो हिस्सा जो दुर्योधन ने पत्तों से ढक लिया था वो कमजोर रह गया। इसी बात का फायदा भीम ने उठाया और उसकी जंघा पर प्रहार कर उसको खत्म कर दिया।

यह बताई तीसरी गलती

दुर्योधन ने कहा कि उसकी तीसरी सबसे बड़ी गलती थी कि वह युद्ध में सबसे अंत में आया। अगर पहले आया होता तो स्थिति कुछ और होती।

भगवान श्रीकृष्ण ने मोड़ दी उंगलियां

दुर्योधन की इन बातों को सुनकर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि तुम अपनी गलतियों नहीं अधर्म के मार्ग पर चलने के कारण हारे हो। अब इन बातों का कोई मतलब नहीं है। यह कहकर भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन की उंगलियां मोड़ दी थीं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Edited By

Mohit

First published on: Feb 28, 2025 08:52 PM

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