Dasha Mata Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: सुहागिन महिलाओं के लिए दशा माता व्रत का खास महत्व है, जो कि वो अपने घर की सुख-समृद्धि व परिवार वालों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, दशा माता व्रत हर साल होली के करीब 10 दिन बाद चैत्र माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखा जाता है. इस दिन दशा माता और पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है. दशा माता जहां धन की देवी मां लक्ष्मी का एक रूप हैं, वहीं पीपल के पेड़ को जगत के पालनहार भगवान भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है.
पीपल के पेड़ की पूजा के दौरान महिलाएं एक कच्चा सूत लेती हैं, जिसे 10 तार का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठ बांधती हैं. फिर उसे अपने गले में बांधती हैं. माना जाता है 10 दिन तक इस डोरे को गले में बांधने से देवी-देवताओं की संपूर्ण कृपा प्राप्त होती है. चलिए अब जानते हैं 2026 में दशा माता व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
2026 में दशा माता व्रत कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 13 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 14 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 13 मार्च 2026, वार शुक्रवार को दशा माता व्रत रखा जाएगा.
दशा माता व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:56 से सुबह 05:45
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:07 से दोपहर 12:54
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:25 से शाम 06:50
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:28 से शाम 07:40
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दशा माता व्रत की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठने के बाद नई साड़ी पहनें और श्रृंगार करें.
- व्रत का संकल्प लें और दशा माता का स्मरण करें.
- 10 तारों का कच्चा सूत लेने के बाद उसमें 10 गांठ लगाकर हल्दी से रंग लें.
- पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें.
- वृक्ष पर चंदन, फल, फूल, गेहूं के दाने, 10 पूड़ी और सिंदूर अर्पित करने के बाद दीपक जलाएं.
- पेड़ पर 10 बार कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करें.
- अब 10 गांठ वाला डोरा अपने गले में पहनें.
- व्रत की कथा सुनें या पढ़ें.
- आरती करके पूजा का समापन करें.
- शाम में पूजा करने के बाद मीठा भोजन खाकर व्रत का पारण (खोलें) करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Dasha Mata Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: सुहागिन महिलाओं के लिए दशा माता व्रत का खास महत्व है, जो कि वो अपने घर की सुख-समृद्धि व परिवार वालों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, दशा माता व्रत हर साल होली के करीब 10 दिन बाद चैत्र माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखा जाता है. इस दिन दशा माता और पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है. दशा माता जहां धन की देवी मां लक्ष्मी का एक रूप हैं, वहीं पीपल के पेड़ को जगत के पालनहार भगवान भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा जाता है.
पीपल के पेड़ की पूजा के दौरान महिलाएं एक कच्चा सूत लेती हैं, जिसे 10 तार का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठ बांधती हैं. फिर उसे अपने गले में बांधती हैं. माना जाता है 10 दिन तक इस डोरे को गले में बांधने से देवी-देवताओं की संपूर्ण कृपा प्राप्त होती है. चलिए अब जानते हैं 2026 में दशा माता व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
2026 में दशा माता व्रत कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 13 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 14 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 13 मार्च 2026, वार शुक्रवार को दशा माता व्रत रखा जाएगा.
दशा माता व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:56 से सुबह 05:45
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:07 से दोपहर 12:54
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:25 से शाम 06:50
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:28 से शाम 07:40
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दशा माता व्रत की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठने के बाद नई साड़ी पहनें और श्रृंगार करें.
- व्रत का संकल्प लें और दशा माता का स्मरण करें.
- 10 तारों का कच्चा सूत लेने के बाद उसमें 10 गांठ लगाकर हल्दी से रंग लें.
- पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें.
- वृक्ष पर चंदन, फल, फूल, गेहूं के दाने, 10 पूड़ी और सिंदूर अर्पित करने के बाद दीपक जलाएं.
- पेड़ पर 10 बार कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करें.
- अब 10 गांठ वाला डोरा अपने गले में पहनें.
- व्रत की कथा सुनें या पढ़ें.
- आरती करके पूजा का समापन करें.
- शाम में पूजा करने के बाद मीठा भोजन खाकर व्रत का पारण (खोलें) करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.