Coconut Breaking Ritual: नए वाहन की पूजा, दुकान के उद्घाटन, गृह प्रवेश, बिजनेस की शुरुआत, शादी की रस्में और मंदिर में कोई विशेष पूजा किसी भी शुरुआत से पहले नारियल जरूर फोड़ा जाता है. आपने अक्सर यह सुना होगा कि, शुभ काम की शुरुआत से पहले नारियल फोड़ना चाहिए. लेकिन कम ही लोग इसके पीछे छिपे रहस्य के बारे में जानते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नारियल को समृद्धि, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है. चलिए आपको नारियल फोड़ने की रस्म के रहस्य के बारे में विस्तार से बताते हैं.
शुभ कार्य और पूजा से पहले क्यों फोड़ते है नारियल?
लक्ष्मी का स्वरूप - हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल कहते हैं. इसका अर्थ मां लक्ष्मी का स्वरूप होता है. इसके साथ ही नारियल पर मौजूद तीन आंखें त्रिदेव का प्रतीक मानी जाती हैं. नारियल को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप मानते हैं. इसी वजह से नारियल को पूजा और शुभ कार्य में शामिल करना अच्छा होता है.
अड़चनों का अंत - नारयिल का बाहरी छिलका कठोर होता है जो चुनौतियों को दर्शाता है. अंदर का हिस्सा पवित्रता और सकारात्मकता को दर्शाता है. आप जब नारियल को फोड़ते हैं तो इसका अर्थ है आप आपकी अड़चनों को तोड़ रहे हैं. इससे बाधा और अड़चन दूर होती हैं.
ये भी पढ़ें – Puja Path: पूजा-अर्चना के समय इन संकेतों से समझें आपसे प्रसन्न हैं भगवान, पूरी होगी हर मनोकामना
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति - नारियल को पवित्र और शुभ माना जाता है. इसकी ऊर्जा पवित्र होती है जिससे नकारात्मकता का अंत होता है. नारियल फोड़कर इसका पानी चारों तरफ फैल जाने से नकारात्मक ऊर्दा का नाश होता है.
बलिदान का प्रतीक - नारियल को बलिदान के रूप में देखा जाता है. भगवान का नारियल अर्पित करने का अर्थ है कि, आप अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान को पहला फल अर्पित कर अपने कार्य की शुरुआत कर रहे हैं. इससे भगवान का आशीर्वाद मिलता है और कार्य सफल होते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Coconut Breaking Ritual: नए वाहन की पूजा, दुकान के उद्घाटन, गृह प्रवेश, बिजनेस की शुरुआत, शादी की रस्में और मंदिर में कोई विशेष पूजा किसी भी शुरुआत से पहले नारियल जरूर फोड़ा जाता है. आपने अक्सर यह सुना होगा कि, शुभ काम की शुरुआत से पहले नारियल फोड़ना चाहिए. लेकिन कम ही लोग इसके पीछे छिपे रहस्य के बारे में जानते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नारियल को समृद्धि, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है. चलिए आपको नारियल फोड़ने की रस्म के रहस्य के बारे में विस्तार से बताते हैं.
शुभ कार्य और पूजा से पहले क्यों फोड़ते है नारियल?
लक्ष्मी का स्वरूप – हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल कहते हैं. इसका अर्थ मां लक्ष्मी का स्वरूप होता है. इसके साथ ही नारियल पर मौजूद तीन आंखें त्रिदेव का प्रतीक मानी जाती हैं. नारियल को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप मानते हैं. इसी वजह से नारियल को पूजा और शुभ कार्य में शामिल करना अच्छा होता है.
अड़चनों का अंत – नारयिल का बाहरी छिलका कठोर होता है जो चुनौतियों को दर्शाता है. अंदर का हिस्सा पवित्रता और सकारात्मकता को दर्शाता है. आप जब नारियल को फोड़ते हैं तो इसका अर्थ है आप आपकी अड़चनों को तोड़ रहे हैं. इससे बाधा और अड़चन दूर होती हैं.
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नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति – नारियल को पवित्र और शुभ माना जाता है. इसकी ऊर्जा पवित्र होती है जिससे नकारात्मकता का अंत होता है. नारियल फोड़कर इसका पानी चारों तरफ फैल जाने से नकारात्मक ऊर्दा का नाश होता है.
बलिदान का प्रतीक – नारियल को बलिदान के रूप में देखा जाता है. भगवान का नारियल अर्पित करने का अर्थ है कि, आप अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान को पहला फल अर्पित कर अपने कार्य की शुरुआत कर रहे हैं. इससे भगवान का आशीर्वाद मिलता है और कार्य सफल होते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।