Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Religion

Chaitra Navratri 2026 (Day 5 Maa Skandamata): चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन आज; जानें मां स्कंदमाता की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, आरती और प्रिय भोग

Chaitra Navratri 2026 (Day 5 Maa Skandamata): आज 23 मार्च 2026, वार सोमवार को चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है, जो कि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता को समर्पित है. यहां पर आप देवी स्कंदमाता की पूजा विधि, पूजन के शुभ मुहूर्त, प्रिय भोग, आरती और मंत्र आदि के बारे में जान सकते हैं.

Author
Written By: Nidhi Jain Updated: Mar 23, 2026 05:20
Chaitra Navratri 2026 (Day 5 Maa Skandamata)
Credit- Social Media

Chaitra Navratri 2026 (Day 5 Maa Skandamata) Today Shubh Muhurat, Puja Vidhi, Mantra & Aarti: मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व चल रहे हैं, जो कि साल 2026 में 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक रहेंगे. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं व मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख, खुशहाली, धन, वैभव और समृद्धि का आगमन होता है. हालांकि, चैत्र नवरात्रि का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को समर्पित है. आज 23 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है, जिस दिन ज्ञान, बुद्धि और प्रेम की देवी स्कंदमाता की पूजा करने का विधान है.

माना जाता है कि मां स्कंदमाता की कृपा से व्यक्ति को संतान सुख, ज्ञान और आध्यात्मिक समृद्धि आदि की प्राप्ति होती है. चलिए अब जानते हैं आज किस समय और कैसे मां स्कंदमाता की पूजा करना शुभ रहेगा.

---विज्ञापन---

मां स्कंदमाता का दिव्य स्वरूप

मां स्कंदमाता की सवारी सिंह है, जबकि उनकी गोद में भगवान कार्तिकेय यानी स्कंद देव विराजमान हैं, जिसके कारण उन्हें देवी स्कंदमाता का नाम दिया गया है. साथ ही मां की कुल चार भुजाएं हैं. देवी का एक हाथ वरमुद्रा में है, जबकि दो में कमल के फूल हैं और एक से उन्होंने भगवान कार्तिकेय को पकड़ा है.

मां स्कंदमाता की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय- सुबह 06:22
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:47 से सुबह 05:35
  • प्रातः सन्ध्या- सुबह 05:11 से सुबह 06:22
  • अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:03 से दोपहर 12:52
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:34 से शाम 07:45
  • अमृत काल- शाम 06:37 से रात 08:05

मां स्कंदमाता की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
  • पूजा स्थल और घर को गंगाजल से शुद्ध करें.
  • माता रानी को पीला चंदन, पीले अक्षत, पीले वस्त्र, पंचामृत, मिठाई, पीले रंग के फूल और फल अर्पित करें.
  • घी का दीपक जलाने के बाद मंत्र जाप करें और व्रत की कथा पढ़ें.
  • आरती करके अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें.

मां स्कंदमाता का प्रिय भोग

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाना शुभ होता है. केले के अलावा आप माता रानी को केसर वाली खीर या पीले रंग की मिठाइयों का भी भोग लगा सकते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- Navratri Vrat Galtiyan: चैत्र नवरात्रि 2026 में इन गलतियों को करने से बचें, वरना मां दुर्गा होंगी नाराज

मां स्कंदमाता का मंत्र

ॐ देवी स्कन्दमात्रे नमः॥

मां स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कन्द माता। पाँचवाँ नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी। जग जननी सबकी महतारी॥
तेरी जोत जलाता रहूँ मैं। हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं॥
कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा॥
कही पहाड़ों पर है डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा॥
हर मन्दिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भक्त प्यारे॥
भक्ति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥
इन्द्र आदि देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आये। तू ही खण्ड हाथ उठाये॥
दासों को सदा बचाने आयी। भक्त की आस पुजाने आयी॥

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 23, 2026 05:20 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.