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Brihaspati Aarti | श्री देवगुरु बृहस्पति की आरती: ॐ जय बृहस्पति देवा… Shri Devguru Brihaspati Ki Aarti Lyrics In Hindi

Devguru Brihaspati Ki Aarti In Hindi: सनातन धर्म के लोगों के लिए देवगुरु बृहस्पति ग्रह यानी बृहस्पति देव की पूजा का खास महत्व है, जिनकी कृपा से बड़ी-से-बड़ी मुश्किल से बचा जा सकता है. यदि आप भी गुरु ग्रह को खुश करना चाहते हैं तो नियमित रूप से उनकी पूजा और आरती करें. चलिए जानते हैं देवगुरु बृहस्पति ग्रह की पूजा के महत्व और आरती के बारे में.

Author Written By: Nidhi Jain Updated: Nov 18, 2025 10:03
Shri Devguru Brihaspati Ki Aarti lyrics In Hindi
Credit- Social Media

Shri Devguru Brihaspati Ki Aarti lyrics In Hindi: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति ग्रह को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जो कि भाग्य, विवाह, संतान, ज्ञान, धर्म और धन का प्रतिनिधित्व करते हैं. माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, उन्हें हर काम में भाग्य का सहयोग मिलता है. साथ ही जिंदगी में खुशहाली रहती है. वैसे तो किसी भी दिन देवगुरु बृहस्पति ग्रह की पूजा कर सकते हैं, लेकिन गुरुवार को उपासना करने का खास महत्व है क्योंकि ये दिन उन्हीं को समर्पित है.

देवगुरु बृहस्पति ग्रह की पूजा उनकी आरती किए बिना अधूरी होती है. यहां पर आप देवगुरु बृहस्पति ग्रह की आरती के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.

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श्री देवगुरु बृहस्पति की आरती (Shri Devguru Brihaspati Ki Aarti In Hindi)

ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा।
छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…
तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…
चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…
तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े।।
ॐ जय बृहस्पति देवा।।
दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…
सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो।
विषय विकार मिटाओ, संतन सुखकारी।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…
जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे।
जेष्टानंद बंद सो-सो निश्चय पावे।।
ॐ जय बृहस्पति देवा…

श्री देवगुरु बृहस्पति की पूजा कैसे करें? (Shri Devguru Brihaspati Puja Vidhi)

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करने के पश्चात पीले रंग के कपड़े धारण करें.
  • मंदिर में पीले कपड़े पर बृहस्पति देव की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें.
  • गुरु देव को हल्दी, केले, चने की दाल, पीले रंग के वस्त्र और फूल अर्पित करें.
  • देसी घी का एक दीपक जलाएं और बृहस्पति मंत्रों का जाप व आरती करें.
  • केले के वृक्ष की पूजा करें और जड़ में जल अर्पित करें.
  • पेड़ के पास देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें.

ये भी पढ़ें- Brihaspati Chalisa । श्री देवगुरु बृहस्पति चालीसा: जय नारायण जय निखिलेशवर…. Shri Devguru Brihaspati Chalisa Lyrics In Hindi

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श्री देवगुरु बृहस्पति का प्रिय रंग (Shri Devguru Brihaspati Priya Rang)

धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्री देवगुरु बृहस्पति का प्रिय रंग पीला है, जिसे ज्ञान, समृद्धि और धर्म का प्रतीक माना जाता है. गुरु देव की विशेष कृपा पाने के लिए पीले रंग की चीजों का दान करना शुभ होता है.

श्री देवगुरु बृहस्पति के मंत्र (Shri Devguru Brihaspati Mantra)

  • ॐ बृं बृहस्पतये नमः
  • ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः
  • ॐ बृहस्पतये विद्महे दिव्यचक्षुषे धीमहि। तन्नो गुरुः प्रचोदयात्॥
  • देवानाम च ऋषिणाम च गुरुं कांचन सन्निभम। बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Nov 18, 2025 10:03 AM

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