Sheetala Mata Ki Aarti: रोजाना नहीं तो शीतला सप्तमी पर जरूर पढ़ें श्रीशीतला माता की आरती, रोग-दोष से मिल सकता है छुटकारा

Mata Sheetala Aarti: देवी पार्वती के विभिन्न रूप हैं, जिन सभी का अपना महत्व और धरती पर अवतरित होने का कारण है. माता शीतला को भी मां पार्वती का एक रूप माना जाता है, जो कि उन्होंने धरती पर भयंकर बीमारियों के प्रकोप को शांत करने व स्वच्छता फैलाने के लिए लिया था. चलिए जानते हैं मां शीतला की आरती के लिरिक्स और उसे पढ़ने-सुनने के लाभ के बारे में.

Sheetala Mata Ki Aarti

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Sheetala Mata Ki Aarti lyrics in Hindi: शीतला माता को हिंदू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक माना जाता है, जो कि देवों के देव महादेव की अर्धांगिनी माता पार्वती का ही रूप हैं. माना जाता है कि जो लोग नियमित रूप से शीतला माता की पूजा करते हैं, उन्हें बीमारियों और तमाम तरह के दोषों से मुक्ति मिलती है. खासकर, चेचक, खसरा और चर्म रोग जैसी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए मां शीतला की उपासना की जाती है.

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हालांकि, जो लोग रोजाना शीतला माता की उपासना नहीं कर पाते हैं, वो शीतला सप्तमी पर व्रत रखने के साथ-साथ देवी की पूजा जरूर करें. द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी मनाई जाती है. चलिए अब जानते हैं माता शीतला की आरती के सही लिरिक्स और पूजा विधि के बारे में.

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शीतला माता की आरती (Sheetala Mata Ki Aarti lyrics in hindi)

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता।
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता।।
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता।
ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता।।
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता।
वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता।।
इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा।
सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता।।
घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता।
करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता।।
ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता।
भक्तन को सुख देनौ मातु पिता भ्राता।।
जो भी ध्यान लगावें प्रेम भक्ति लाता।
सकल मनोरथ पावे भवनिधि तर जाता।।
रोगन से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता।
कोढ़ी पावे निर्मल काया अन्ध नेत्र पाता।।
बांझ पुत्र को पावे दारिद कट जाता।
ताको भजै जो नाहीं सिर धुनि पछिताता।।
शीतल करती जननी तू ही है जग त्राता।
उत्पत्ति व्याधि विनाशत तू सब की घाता।।
दास विचित्र कर जोड़े सुन मेरी माता।
भक्ति आपनी दीजे और न कुछ भाता।।
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता…
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता…

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शीतला माता की पूजा विधि (Sheetala Mata Puja Vidhi)

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करने के पश्चात शुद्ध कपड़े धारण करें.
  • घर के मंदिर में शीतला माता की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें.
  • देवी को गंगाजल, रोली, मेहंदी, मौली, अक्षत और भोजन (बता दें कि शीतला माता को बासी चीजों का भोग लगता है, इसलिए उनको चढ़ाने वाले भोग को एक दिन पहले ही तैयार कर लें) अर्पित करें.
  • आटे का दीपक जलाने के बाद मंत्र जाप करें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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