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यीशु मसीह के मकबरे को लेकर सदियों से बहस जारी है. अब वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने नई तकनीकों से इसकी उम्र और लोकेशन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
जीजस का मकबरा आखिर कहां है?

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यीशु मसीह (Jesus Christ) का मकबरा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और ऐतिहासिक रहस्यों में से एक माना जाता है. ईसाई धर्म के मुताबिक, उन्हें सूली पर चढ़ाए जाने के बाद यरुशलम में दफनाया गया था. सदियों से इस बात पर बहस चलती रही है कि उनका असली मकबरा कहां है. लाखों श्रद्धालु हर साल उस जगह पर जाते हैं जिसे उनका अंतिम विश्राम स्थल माना जाता है.
Church of the Holy Sepulchre क्यों है खास?

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यरुशलम के पुराने शहर में मौजूद Church of the Holy Sepulchre को यीशु मसीह के मकबरे का सबसे प्रमुख दावेदार माना जाता है. यह चर्च चौथी सदी में रोमन सम्राट Constantine the Great के आदेश पर बनवाया गया था. ईसाई मान्यता के मुताबिक, यही वह जगह है जहां यीशु को सूली पर चढ़ाया गया, दफनाया गया और फिर पुनर्जीवित हुए. इसलिए यह स्थान दुनिया के सबसे पवित्र ईसाई स्थलों में गिना जाता है.
कब दफनाए गए थे यीशु मसीह?

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ऐतिहासिक और धार्मिक स्रोतों के मुताबिक, Jesus Christ को लगभग 30 से 33 ईस्वी के बीच रोमन शासनकाल में सूली पर चढ़ाया गया था. उनकी मृत्यु के बाद उनके शरीर को एक चट्टान में बने मकबरे में रखा गया था, जिसे Joseph of Arimathea ने मुहैया कराया था. यह मकबरा पत्थर से बंद किया गया था और बाद में उनके पुनरुत्थान की कहानी यहीं से जुड़ी है.
वैज्ञानिकों ने कैसे पता लगाई मकबरे की उम्र?

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आधुनिक वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने मकबरे की उम्र जानने के लिए उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया. इनमें से एक प्रमुख तकनीक है Optically Stimulated Luminescence (OSL). इस तकनीक के जरिए पत्थरों और मिट्टी के कणों का विश्लेषण किया जाता है ताकि यह पता चल सके कि वे आखिरी बार कब सूर्य के संपर्क में आए थे. इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि इस स्थान का निर्माण और उपयोग किस समय हुआ था.
जांच में क्या चौंकाने वाला सामने आया?

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वैज्ञानिक जांच में ये सामने आया कि मकबरे के आसपास पाए गए पत्थर और संरचनाएं चौथी सदी की हैं. यह वही समय है जब Constantine the Great ने इस चर्च को बनवाया था. इससे यह संकेत मिलता है कि उस समय इस जगह को पहले से ही पवित्र माना जा रहा था, और शायद यह परंपरा उससे भी पहले से चली आ रही थी. हाल की खुदाई में पुरातत्वविदों को इस क्षेत्र में लगभग 2000 साल पुराने पौधों और बगीचे के अवशेष मिले हैं. बाइबिल में भी जिक्र है कि Jesus Christ को एक बगीचे के पास दफनाया गया था.
(All Photos Credit: Social Media)