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उरुग्वे दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां गायों की संख्या इंसानों से कई गुना ज्यादा है. करीब 34 लाख की आबादी वाले इस देश में 1.2 करोड़ से ज्यादा गायें हैं, जिससे उरुग्वे पशुपालन और बीफ निर्यात के लिए विश्वभर में मशहूर है.

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उरुग्वे अपने हरे-भरे और खुले घास के मैदानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां दूर-दूर तक फैली हरियाली पशुपालन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है. इसी वजह से देश में गायों की संख्या तेजी से बढ़ी और आज ये दुनिया में प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा गायों वाला देश बन चुका है.

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उरुग्वे में करीब 34 लाख लोग रहते हैं, जबकि गायों की संख्या 1.2 करोड़ से ज्यादा है. यानी यहां हर एक इंसान पर औसतन 3 से 4 गायें हैं. यही कारण है कि उरुग्वे का नाम दुनिया में सबसे ज्यादा मवेशी अनुपात वाले देशों में लिया जाता है.

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उरुग्वे के ग्रामीण इलाकों में पशुपालन सिर्फ रोजगार नहीं बल्कि जीवनशैली है. यहां अधिकतर ज्यादातर किसान पारंपरिक तरीकों से गाय पालते हैं. खुले मैदानों में चरने वाली गायों को प्राकृतिक चारा मिलता है, जिससे दूध की क्वालिटी बेहतर होती है.

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उरुग्वे दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां हर गाय को इलेक्ट्रॉनिक पहचान टैग दिया जाता है. इससे गाय की उम्र, सेहत, वैक्सीनेशन और मूवमेंट की पूरी जानकारी रिकॉर्ड रहती है. ये सिस्टम देश के पशुधन प्रबंधन को और मजबूत बनाता है.

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उरुग्वे का गोमांस (Beef) अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मशहूर है. देश का बड़ा हिस्सा बीफ प्रोडक्शन और निर्यात पर निर्भर है. उरुग्वे से बीफ चीन, अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्व के कई देशों में भेजा जाता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलता है.

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दक्षिण अमेरिका में मौजूद उरुग्वे आकार में भले ही छोटा देश हो, लेकिन पशुपालन के मामले में इसकी पहचान पूरी दुनिया में है. कम जनसंख्या और बड़े चरागाहों के कारण यहां मवेशी पालन बड़े पैमाने पर संभव हो पाया है.

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शाम के वक्त उरुग्वे के चरागाहों का दृश्य बेहद खूबसूरत होता है. डूबते सूरज की रोशनी में चरती हुई गायें देश की ग्रामीण संस्कृति और पशुपालन परंपरा की असली तस्वीर पेश करती हैं.
(All Photos Credit: Social Media)