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सऊदी अरब ने अजीबोगरीब फैसला लिया है। ऊंटों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी करना शुरू किया है। मतलब अब सऊदी अरब में ऊंटों के लिए भी पासपोर्ट बनेगा। उप पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री मनसूर अलमुशैती ने औपचारिक ऐलान कर दिया है। साथ ही आधिकारिक रूप से 'कैमल पॉसपोर्ट' लॉन्च कर दिया है। इसके पीछे क्या वजह है, आइए विस्तार से जानते हैं....

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कैमल पॉसपोर्ट के पीछे की वजह बताई जा रही है कि अरब दुनिया में ऊंट ट्रांसपोर्ट के अलावा वहां की संस्कृति तक का अहम हिस्सा हैं। वहां के लोग ऊंटों के मालिक होते हैं, उन्हें पालते हैं और जरूरत पड़ने पर परिवहन के लिए इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं सबको ध्यान में रखते हुए ऊंटों को आधिकारिक और मान्य पहचान दिलाने के लिए पासपोर्ट बनाया गया। पासपोर्ट में ऊंट की स्वास्थ्य और रेग्युलेटरी जानकारी होगी। ताकि उसकी देखभाल आसानी से की जा सके।

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उप पर्यावरण मंत्री मनसूर अलमुशैती ने बताया कि कैमल पॉसपोर्ट सिस्टम लॉन्च कर दिया गया है। फैसले का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस पासपोर्ट से ऊंटों की पहचान, रिकॉर्ड और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दर्ज की जा सकेगी। इससे सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी। ऊंटों की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता होगी।

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इसके अलावा सऊदी अरब में मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक अकाउंट से ऊंट पासपोर्ट की तस्वीर शेयर की है। इसमें हरे रंग का पासपोर्ट दिखाया गया है। साथ ही देश का चिन्ह व ऊंट की सोने जैसी छवि दिखाई गई। जानकारी के अनुसार, साल 2024 तक सऊदी में करीब 2.2 मिलियन ऊंट हैं। सभी को इस पासपोर्ट सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

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मंत्रालय के अनुसार, कैमल पासपोर्ट विस्तार से पहचान रिकॉर्ड की तरह होगा। इसमें ऊंट का माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, नाम, जन्मतिथि, नस्ल, रंग, जन्मस्थान, लिंग और जारी करने वाली एजेंसी की जानकारी होगी। ऊंट की दाएं और बाएं दोनों ओर से ली गई तस्वीरें भी इस पासपोर्ट में जोड़ी जाएंगी। इससे ऊंट की सटीक पहचान हो सकेगी। इसमें टीकाकरण रिकॉर्ड भी होगा, सभी वैक्सीनेशन साफ-साफ दर्ज किए जाएंगे।