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दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां पाकिस्तानी नागरिकों की एंट्री पर कड़े नियम हैं. भारत और इजरायल के अलावा भी कुछ देश ऐसे हैं जहां या तो सीधा बैन है या बेहद सख्त नियम लागू हैं.
पाकिस्तानी पासपोर्ट पर बढ़ती पाबंदियां

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पाकिस्तानी पासपोर्ट को दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में गिना जाता है. इसकी वजह यह है कि इस पासपोर्ट के जरिए बहुत कम देशों में बिना वीजा या आसान वीजा प्रोसेस के ट्रैवल किया जा सकता है. कई देशों ने सुरक्षा, कूटनीतिक संबंधों और इमिग्रेशन नियमों की वजह से पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सख्त नियम बना रखे हैं. यही कारण है कि विदेश यात्रा के मामले में पाकिस्तान के नागरिकों को अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
भारत में एंट्री क्यों मुश्किल?

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भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव का असर आम लोगों की यात्रा पर भी पड़ता है. भारत सरकार पाकिस्तानी नागरिकों को बहुत सीमित कैटेगरी में ही वीजा देती है, जैसे धार्मिक यात्रा, पारिवारिक मुलाकात या स्पेशल परमिशन. टूरिस्ट वीजा लगभग बंद जैसा ही है. इसके अलावा वीजा मिलने के बाद भी यात्रा और ठहरने से जुड़े कई नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है.
इजरायल में पूरी तरह बैन

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पाकिस्तान और इजरायल के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं. पाकिस्तान ने इजरायल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है. इसी वजह से पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ तौर पर लिखा होता है कि ये इजरायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है. यही वजह है कि पाकिस्तानी नागरिकों को इजरायल में एंट्री नहीं मिलती.
लीबिया में सख्त नियम

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लीबिया भी उन देशों में शामिल है जहां पाकिस्तानी नागरिकों के लिए एंट्री आसान नहीं है. यहां की राजनीतिक स्थिति और सुरक्षा कारणों की वजह से वीजा प्रक्रिया काफी सख्त है. कई बार स्पेशल परमिशन के बिना एंट्री नहीं दी जाती, जिससे आम यात्रियों के लिए यहां जाना मुश्किल हो जाता है.
सूडान में भी प्रतिबंध

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सूडान में भी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा नियम काफी सख्त हैं. सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़े कारणों के चलते कई बार एप्लीकेशन खारिज हो जाते हैं. इसके अलावा वहां के इंटरनल हालात भी विदेशी नागरिकों की एंट्री को प्रभावित करती है, जिससे पाकिस्तानी नागरिकों के लिए यात्रा आसान नहीं रहती.
UAE में बढ़ी सख्ती

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पहले वीजा प्रक्रिया अभी के मुकाबले आसान थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में नियमों को कड़ा किया गया है. कुछ मामलों में वीजा जारी करने में देरी या नामंजूर हुआ है. हालांकि यूएई में पूरी तरह बैन नहीं है, लेकिन जांच और दस्तावेज प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त हो गई है.
क्यों लगाए जाते हैं ऐसे प्रतिबंध?

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किसी भी देश के पास दूसरे देश के नागरिकों की एंट्री पर बैन लगाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें सुरक्षा चिंताएं, आतंकवाद का खतरा, अवैध इमिग्रेशन, और खराब कूटनीतिक संबंध शामिल हैं. हर देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और नीतियों के मुताबिक फैसले लेता है, इसलिए नियम अलग-अलग हो सकते हैं.
कुछ देशों में मिलती है राहत

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हालांकि कई देशों में सख्ती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि पूरी दुनिया में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए दरवाजे बंद हैं. कुछ देश ऐसे भी हैं जहां उन्हें वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है. इससे उन्हें यात्रा करने का मौका मिलता है, लेकिन फिर भी पासपोर्ट की रैंकिंग की वजह से ऑप्शन सीमित रहते हैं.
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