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पाकिस्तान की मेट्रो ट्रेन अंदर से कैसी दिखती है और इसका किराया कितना है? तस्वीरों में देखें पाकिस्तान की मॉडर्न मेट्रो का पूरा अंदरूनी नजारा, सुविधाएं और टिकट कीमत से जुड़ी अहम जानकारी.
पाकिस्तान की मेट्रो का अंदरूनी नजारा

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पाकिस्तान में बीते कुछ सालों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो सिस्टम पर काफी काम किया गया है. खासतौर पर लाहौर, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरों में मेट्रो बस और मेट्रो ट्रेन दोनों सेवाएं शुरू की गई हैं. इन मेट्रो सिस्टम का निर्माण काफी हद तक चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत हुआ है, जिसके कारण इनमें मॉडर्न तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देखने को मिलता है. अंदर से ये मेट्रो ट्रेन और बसें काफी साफ-सुथरी, व्यवस्थित और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड जैसी लगती हैं, जो पहली नजर में ही लोगों को आकर्षित करती हैं.
ट्रेन के अंदर सीटिंग व्यवस्था

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मेट्रो ट्रेन के अंदर सीटिंग अरेंजमेंट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा लोग आराम से सफर कर सकें. सीटें मजबूत, साफ और आरामदायक होती हैं, जिन्हें लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसके अलावा खड़े यात्रियों के लिए हैंडल, पोल और ग्रिप्स दिए गए हैं, जिससे भीड़ होने पर भी सफर सुरक्षित रहता है. खास बात यह है कि कुछ कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होते हैं, जिससे महिला यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा मिलती है.
एयर कंडीशन और डिजिटल सुविधाएं

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पाकिस्तान की मेट्रो में यात्रियों की सुविधा के लिए एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया गया है, जो गर्मी के मौसम में काफी राहत देता है. इसके साथ ही कोच के अंदर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगे होते हैं, जिन पर अगले स्टेशन, रूट और जरूरी घोषणाएं दिखाई जाती हैं. कुछ मेट्रो सेवाओं में Wi-Fi की सुविधा भी दी जाती है, जिससे यात्री सफर के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
स्टेशन की हाईटेक व्यवस्था

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मेट्रो स्टेशनों को भी हाईटेक तरीके से तैयार किया गया है. यहां एंट्री और एग्जिट के लिए ऑटोमैटिक गेट्स, टोकन मशीन और स्मार्ट कार्ड सिस्टम मौजूद है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और सिक्योरिटी चेक भी किए जाते हैं. कई स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा दी गई है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी आसानी होती है. स्टेशन डिजाइन ऐसा होता है कि यात्रियों को सड़क पार किए बिना सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की सुविधा मिलती है.
टिकट की कीमत कितनी है?

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पाकिस्तान की मेट्रो का सबसे बड़ा फायदा इसका सस्ता किराया है. आम तौर पर लाहौर मेट्रो बस का किराया लगभग 30 पाकिस्तानी रुपये प्रति सफर होता है, जबकि इस्लामाबाद-रावलपिंडी मेट्रो का किराया करीब 40 रुपये तक जाता है. वहीं लाहौर की ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन में दूरी के हिसाब से किराया 25 से 45 रुपये के बीच होता है. इतनी कम कीमत के कारण यह आम लोगों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक ट्रांसपोर्ट विकल्प बन गया है.
स्मार्ट कार्ड और टिकट सिस्टम

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मेट्रो में टिकटिंग सिस्टम को आसान और तेज बनाने के लिए टोकन और स्मार्ट कार्ड दोनों का इस्तेमाल किया जाता है. टोकन उन यात्रियों के लिए होता है जो कभी-कभी सफर करते हैं, जबकि स्मार्ट कार्ड नियमित यात्रियों के लिए बेहतर ऑप्शन है. स्मार्ट कार्ड को रिचार्ज कराकर कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ती. यह सिस्टम समय बचाने के साथ-साथ भीड़ को कंट्रोल करने में भी मदद करता है.
रोज लाखों लोग करते हैं सफर

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लाहौर और इस्लामाबाद जैसे शहरों में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं. हर दिन लाखों यात्री मेट्रो से सफर करते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम हुई है. ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र और आम नागरिक सभी के लिए यह एक तेज, सुरक्षित और सस्ता विकल्प बन चुका है. इससे शहरों की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिला है.
(All Photos Credit: Social Media)