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Largest Egg Producing Country: दुनियाभर में अंडों की मांग लगातार बढ़ रही है, जहां 1995 में इसका मार्केट 46 मिलियन टन था, जो 2025 में बढ़कर 99 मिलियन टन तक पहुंच गया है. पिछले एक दशक में एग मार्केट में 115% की भारी बढ़ोतरी हुई है.
चीन की वैश्विक बादशाहत

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फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के अनुसार, चीन दुनिया का नंबर वन अंडा उत्पादक देश है जो वैश्विक बाजार में अकेले 35-38% की हिस्सेदारी रखता है. साल 2023 में चीन ने 35 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक अंडों का उत्पादन किया, जो बेहतर ब्रीडिंग और सरकारी सपोर्ट के कारण मुमकिन हो पाया है.
भारत का दूसरा स्थान

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चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश बनकर उभरा है, जो वैश्विक मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है. भारत सालाना लगभग 6 मिलियन मीट्रिक टन अंडों का उत्पादन करता है और मिडिल ईस्ट से लेकर अफ्रीकी देशों तक बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट करता है.
तीसरे नंबर पर अमेरिका

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अंडा उत्पादन की रेस में अमेरिका तीसरे पायदान पर है, हालांकि कई बार इसका उत्पादन 6 मिलियन मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर जाता है. अमेरिका, भारत और चीन के साथ मिलकर दुनिया के टॉप-3 एग प्रोड्यूसर्स की लिस्ट में अपनी धाक जमाए हुए है और तकनीक के दम पर उत्पादन बढ़ा रहा है.
एशियाई देशों का दबदबा

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अंडा उत्पादन के मामले में एशिया अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जिसमें इंडोनेशिया और जापान जैसे देश भी टॉप-10 की लिस्ट में शामिल हैं. बढ़ती जनसंख्या और प्रोटीन की किफायती मांग के कारण साल 2000 के मुकाबले 2020 तक वैश्विक उत्पादन 51 से बढ़कर 87 मिलियन टन पहुंच चुका है.
भारतीय अंडों की विदेशी मांग

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भारत से अंडों की सबसे ज्यादा सप्लाई ओमान, यूएई, मालदीव और श्रीलंका जैसे देशों में की जाती है, जो भारतीय पोल्ट्री उद्योग की मजबूती को दर्शाता है. इसके अलावा भारत अब जापान और वियतनाम जैसे देशों को एग पाउडर भी एक्सपोर्ट कर रहा है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हो रही है.