स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना जरूरी क्यों? पहले खोलने अब बंद करने पर अड़े ट्रंप
न्यूक्लियर मुद्दे पर शुरू हुई ईरान-अमेरिका की जंग अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिक गई है. मार्च में ईरान ने इसे बंद करने की धमकी दी थी, अब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगा दी है. आखिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना जरूरी क्यों है?

2 मार्च से बंद है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
2 / 62 मार्च को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अधिकारी ने साफ कहा था, “होर्मुज बंद है. अगर कोई भी इससे गुजरने की कोशिश करेगा, तो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और नौसेना उन जहाजों को आग के हवाले कर देंगे.” ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना जरूरी?
3 / 6स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान की सीमा पर स्थित संकरा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया के कुल कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के 27% समुद्री व्यापार और 20% LNG इसी रास्ते से गुजरता है. भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा इसी पर टिकी हुई है.
पहले खुलवाने की जिद, अब नाकाबंदी क्यों?
4 / 6ईरान द्वारा बंदी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूरा फोकस स्ट्रेट को खुलवाने पर था. उन्होंने NATO और चीन से भी मदद मांगी, लेकिन शुरुआत में कोई साथ नहीं मिला. बाद में अमेरिका ने सैन्य अभियान भी शुरू किया. मार्च में ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ 2 सप्ताह का सीजफायर हो गया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर खुल जाएगा, लेकिन इसके तुरंत बाद खबर आई कि ईरान अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है. ट्रंप ने साफ कहा था कि कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए.
ट्रंप ने टोल और परमाणु मुद्दे पर सख्ती दिखाई
5 / 6ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि जो भी जहाज ईरान को टोल का भुगतान करें, उन्हें रोका जाए. उन्होंने लिखा, “जो कोई भी अवैध टोल का भुगतान करेगा, उसे समुद्र में सुरक्षित आवागमन की अनुमति नहीं मिलेगी.” ट्रंप ने आगे कहा, “उन्हें पैसा चाहिए और उससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि उन्हें परमाणु चाहिए. हम पूरी तरह तैयार और मुस्तैद हैं. हमारी सेना उचित समय पर ईरान के बचे-खुचे हिस्से को भी पूरी तरह नष्ट कर देगी.”
ईरान ने भी साफ की स्थिति
6 / 6ईरान ने अभी भी साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका नियंत्रण बना हुआ है. अमेरिका की नाकाबंदी के कारण होर्मुज जलमार्ग पर जहाजों का आवागमन फिर प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. पूरी दुनिया की नजरें अब इस जलमार्ग पर टिकी हुई हैं क्योंकि इससे वैश्विक तेल की कीमतें और ऊर्जा आपूर्ति सीधे प्रभावित हो सकती है.
