चीन में लोकतंत्र नहीं, फिर कैसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री? जानें पूरी प्रक्रिया

China Political System: आज के समय चीन की गिनती दुनिया की बड़ी महाशक्तियों में की जाती है. हालांकि, लोग यह जानना चाहते हैं कि बिना लोकतंत्र के इस देश की राजनीतिक व्यवस्था कैसी है? कई लोगों का यह सवाल होता है कि चीन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कैसे चुने जाते हैं और वहां की राजनीतिक व्यवस्था किस तरह से काम करती है.

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China Political System: चीन की गिनती आज के समय दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में की जाती है. गौर करने वाली बात है कि लोकतांत्रिक देशों की तरह यहां बहुदलीय चुनाव नहीं होते. हालांकि, इसके बाद भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे अहम पद मौजूद हैं. हालांकि, इस देश की राजनीतिक व्यवस्था अक्सर चर्चा के केंद्र में रहती है. आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि चीन की प्रणाली पश्चिमी लोकतंत्र से बिल्कुल अलग है. दरअसल, चीन में सत्ता का केंद्र कम्युनिस्ट पार्टी है. ये देश की नीतियों और नेतृत्व को नियंत्रित करने का काम करती है. हालांकि, उसकी प्रशासनिक पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है.

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पूरे चीन में सिर्फ एक ही पार्टी का राज

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आमतौर पर लोकतांत्रिक देशों में जनता वोट डालकर अपनी सरकार चुनती है, लेकिन चीन की कहानी इससे बिल्कुल अलग है. चीन में पश्चिमी देशों या भारत की तरह कोई बहुदलीय लोकतंत्र नहीं है, बल्कि वहां एकदलीय राजनीतिक व्यवस्था लागू है. इसका मतलब यह है कि पूरे देश में सिर्फ एक ही पार्टी का राज चलता है, जिसे 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना' कहा जाता है. देश की सारी ताकत और नीतियां इसी एक पार्टी के इर्द-गिर्द घूमती हैं. चीन की व्यवस्था में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव का पद सबसे पावरफुल माना जाता है. अमूमन जो व्यक्ति पार्टी का महा सचिव बनता है, वही देश का राष्ट्रपति भी चुना जाता है. वर्तमान में शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति होने के साथ-साथ पार्टी के महासचिव भी हैं.

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कौन करता है राष्ट्रपति का चुनाव?

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अब सवाल उठता है कि राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है? चीन की आम जनता सीधे राष्ट्रपति चुनने के लिए वोट नहीं डालती. इसके लिए वहां एक संस्था है जिसे 'नेशनल पीपुल्स कांग्रेस' (NPC) कहा जाता है. यह चीन की संसद या सर्वोच्च विधायी संस्था है. इसमें देश के अलग-अलग प्रांतों, सेना और सरकारी संगठनों से चुनकर आए हजारों प्रतिनिधि शामिल होते हैं. यही प्रतिनिधि औपचारिक रूप से वोट डालकर राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. हालांकि, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम पहले से ही कम्युनिस्ट पार्टी तय कर देती है, इसलिए इस चुनाव में कोई मुकाबला नहीं होता.

राष्ट्रपति की सिफारिश पर तय होते प्रधानमंत्री

राष्ट्रपति की सिफारिश पर तय होते प्रधानमंत्री4 / 5

बात अगर प्रधानमंत्री पद की करें तो चीन की सरकार में प्रशासनिक काम संभालने के लिए यह पद काफी अहम होता है. राष्ट्रपति की सिफारिश पर नेशनल पीपुल्स कांग्रेस प्रधानमंत्री के नाम को मंजूरी देती है. प्रधानमंत्री का मुख्य काम देश की आर्थिक नीतियों को लागू करना, अलग-अलग सरकारी मंत्रालयों को संभालना और रोजमर्रा के प्रशासनिक फैसलों को देखना होता है.

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जनता को नेता चुनने का अधिकार नहीं

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भले ही दुनिया भर में चीन के इस सिस्टम को लोकतांत्रिक मूल्यों से दूर माना जाता हो, क्योंकि वहां की जनता को सीधे अपना नेता चुनने का अधिकार नहीं है, लेकिन अपनी इसी केंद्रीकृत व्यवस्था और तेज फैसले लेने की ताकत के दम पर चीन आज दुनिया की बड़ी आर्थिक और तकनीकी ताकत बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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