बिना सिलेंडर कैसे आपके किचन तक पहुंचती है PNG? नहीं जानते होंगे सच

रोज चूल्हे पर खाना बनाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना सिलेंडर गैस आपके घर तक कैसे पहुंचती है? जमीन के अंदर बनने से लेकर पाइपलाइन के जरिए किचन तक आने तक PNG की पूरी कहानी आपको चौंका देगी.

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png pipeline system

 

क्या आपने कभी सोचा है कि बिना सिलेंडर के आपके किचन तक गैस आखिर पहुंचती कैसे है? आज के समय में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG ने किचन का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. लेकिन इसके पीछे एक लंबी और दिलचस्प प्रक्रिया छुपी है जमीन के अंदर बनने से लेकर पाइपलाइन के जरिए आपके घर तक पहुंचने तक. आइए PNG गैस की पूरी कहानी.

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PNG क्या होती है?

PNG क्या होती है?2 / 11

PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस, दरअसल वही नेचुरल गैस है जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाई जाती है. यह कोई अलग गैस नहीं होती, बल्कि इस्तेमाल करने का तरीका अलग होता है.

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LPG और PNG में क्या फर्क है?

LPG और PNG में क्या फर्क है?3 / 11

PNG हवा से हल्की होती है, इसलिए लीक होने पर ऊपर उड़ जाती है और जल्दी फैल जाती है. वहीं LPG भारी होती है और नीचे जमा होकर खतरा बढ़ा सकती है. इसी वजह से PNG को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

नेचुरल गैस बनती कैसे है?

नेचुरल गैस बनती कैसे है?4 / 11

नेचुरल गैस करोड़ों साल पहले दबे हुए जीव-जंतु और पौधों से बनती है. समय के साथ बढ़ते दबाव और तापमान के कारण यह गैस, कोयला और कच्चे तेल में बदल जाते हैं.

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जमीन से गैस कैसे निकाली जाती है?

जमीन से गैस कैसे निकाली जाती है?5 / 11

जब जमीन या समुद्र के नीचे गैस का भंडार मिलता है, तो ड्रिलिंग करके उसे बाहर निकाला जाता है. शुरुआत में यह गैस कच्चे रूप में होती है, जिसे सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

रॉ गैस को कैसे साफ किया जाता है?

रॉ गैस को कैसे साफ किया जाता है?6 / 11

रॉ नेचुरल गैस में पानी की भाप, कार्बन डाइऑक्साइड और जहरीली गैसें होती हैं. प्रोसेसिंग प्लांट में इसे कई स्टेप्स में साफ किया जाता है ताकि यह सुरक्षित और उपयोग के लायक बन सके.

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CNG और PNG में क्या कनेक्शन है?

CNG और PNG में क्या कनेक्शन है?7 / 11

गैस वही रहती है, बस उसका इस्तेमाल अलग होता है. अगर इसे हाई प्रेशर में कंप्रेस किया जाए तो CNG बनती है, और अगर पाइपलाइन से भेजा जाए तो वही PNG कहलाती है.

शहर तक गैस कैसे पहुंचती है?

शहर तक गैस कैसे पहुंचती है?8 / 11

बड़ी-बड़ी ट्रांसमिशन पाइपलाइनों के जरिए गैस को सैकड़ों किलोमीटर दूर शहरों तक पहुंचाया जाता है. ये पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछी होती हैं और इनमें गैस हाई प्रेशर में रहती है.

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सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम क्या है?

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम क्या है?9 / 11

शहर में पहुंचने के बाद गैस पहले सिटी गेट स्टेशन (CGS) में जाती है, जहां उसका प्रेशर कम किया जाता है. फिर इसे छोटी पाइपलाइनों के नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है.

घर तक PNG कैसे आती है?

घर तक PNG कैसे आती है?10 / 11

हर घर तक एक पतली पाइपलाइन बिछाई जाती है. घर के बाहर मीटर लगाया जाता है जो गैस की खपत को मापता है. इसके बाद गैस सीधे किचन के चूल्हे तक पहुंचती है.

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PNG के फायदे क्या हैं?

PNG के फायदे क्या हैं?11 / 11

PNG में सिलेंडर खत्म होने का झंझट नहीं होता, लगातार सप्लाई मिलती है और यह साफ ईंधन होने के कारण कम प्रदूषण करता है. लंबे समय में यह किफायती भी साबित होता है, हालांकि हर जगह इसकी सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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