Land Register Rules 2026: जमीन की रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव, देखें नई लिस्ट
Land Register Rules 2026: जमीन या प्रॉपटी खरीदने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें. सरकार ने साल 2026 में जमीन की रजिस्ट्री के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. केवल पुराने दस्तावेजों से काम नहीं चलेगा, नई लिस्ट के अनुसार दस्तावेज तैयार करने होंगे. इन नए नियमों का मकसद भूमि विवादों को कम करना और रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है. नये नियमों को इग्नोर करने से रजिस्ट्री रुक सकती है.

बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी
2 / 5इन नए नियमों के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी कर दिया गया है. अब आधार कार्ड से लिंक्ड बायोमेट्रिक डेटा के बिना रजिस्ट्री पूरी नहीं होगी. साथ ही संपत्ति की जियो-टैगिंग भी नए नियमों का हिस्सा है, जिससे जमीन की सटीक लोकेशन रिकॉर्ड में दर्ज होगी. इन बदलावों से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि संपत्ति विवाद भी काफी हद तक कम होंगे.
ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया
3 / 52026 के नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी. पहले पंजीकरण के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब घर बैठे दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं. स्टांप ड्यूटी भुगतान भी ऑनलाइन होगा और इसकी रसीद डिजिटली जनरेट होगी. अपॉइंटमेंट भी ऑनलाइन बुक होगी जिससे लंबी कतारों और दलालों के झंझट से मुक्ति मिलेगी.
नई लिस्ट में जरूरी दस्तावेज कौन से हैं?
4 / 5जमीन की रजिस्ट्री के लिए जारी हुई नए दस्तावेजों की सूची में खरीदार और विक्रेता दोनों को आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से देने होंगे. इसके अलावा जमीन का खसरा-खतौनी, नक्शा और जमाबंदी की नवीनतम प्रतिलिपि भी जरूरी है. पुराने सेल डीड या पट्टे की मूल प्रति भी संलग्न करनी होगी. यदि जमीन किसी बैंक लोन के अंतर्गत है तो बैंक NOC भी लगानी होगी. इन शर्तों का पालन न करने पर रजिस्ट्री निरस्त की जा सकती है.
संपत्ति पर कोई बकाया टैक्स नहीं हो
5 / 5नए नियमों के अनुसार संपत्ति पर कोई बकाया टैक्स नहीं होना चाहिए, इसलिए नगर निगम या ग्राम पंचायत से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट भी अनिवार्य कर दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में RERA पंजीकरण प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा. ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन प्रमाण पत्र यानी लैंड यूज चेंज सर्टिफकेट होना चाहिए. रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज DigiLocker में स्वतः सेव हो जाएंगे जिससे कागजात खोने का डर खत्म होगा. रजिस्ट्री स्टेटस SMS और ईमेल के जरिए ट्रैक किया जा सकेगा.
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