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अगर पड़ोसी तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर परेशान करते हैं या रास्ता रोक देते हैं, तो कानून आपके साथ खड़ा है. जानिए शोर-शराबे, रास्ता विवाद और पड़ोसियों की मनमानी के खिलाफ क्या हैं आपके अधिकार और कैसे कर सकते हैं शिकायत.
रात में तेज आवाज करना कानूनन अपराध

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भारत में ध्वनि प्रदूषण नियमों के मुताबिक, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज म्यूजिक, लाउडस्पीकर या डीजे बजाने पर बैन है. अगर कोई पड़ोसी बार-बार ऐसा करता है तो आप पुलिस हेल्पलाइन 112 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर प्रशासन कार्रवाई भी कर सकता है.
'पब्लिक न्यूसेंस' के तहत हो सकती है कार्रवाई

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अगर पड़ोसी लगातार शोर मचाकर या गाली-गलौज करके आपको मानसिक परेशानी पहुंचाते हैं, तो इसे 'पब्लिक न्यूसेंस' माना जा सकता है. ऐसे मामलों में कोर्ट में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. लगातार सबूत इकट्ठा करना आपके केस को मजबूत बनाता है.
रास्ता रोकना भी दंडनीय अपराध

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अगर कोई पड़ोसी सार्वजनिक या साझा रास्ते को बंद कर देता है, तो ये कानून के खिलाफ माना जाता है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत रास्ता रोकना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मदद ली जा सकती है. अगर आप लंबे समय से किसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पड़ोसी उसे अचानक बंद नहीं कर सकता. ईजमेंट एक्ट के तहत पुराने उपयोग वाले रास्तों पर आपका अधिकार माना जा सकता है. विवाद होने पर तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में शिकायत दी जा सकती है.
विवाद बढ़ाने से पहले बातचीत करें

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कानूनी कार्रवाई करने से पहले पड़ोसी को औपचारिक नोटिस देकर समस्या सुलझाने का मौका देना बेहतर माना जाता है. कई बार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या मोहल्ले के बुजुर्गों की मदद से भी विवाद शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो सकता है.
(All Photos Credit: Social Media)