Know Your Rights: अगर पड़ोसी शोर मचाए या रास्ता रोके तो क्या करें? अपने कानूनी अधिकारों का ऐसे करें इस्तेमाल
अगर पड़ोसी तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर परेशान करते हैं या रास्ता रोक देते हैं, तो कानून आपके साथ खड़ा है. जानिए शोर-शराबे, रास्ता विवाद और पड़ोसियों की मनमानी के खिलाफ क्या हैं आपके अधिकार और कैसे कर सकते हैं शिकायत.

रात में तेज आवाज करना कानूनन अपराध
2 / 5भारत में ध्वनि प्रदूषण नियमों के मुताबिक, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज म्यूजिक, लाउडस्पीकर या डीजे बजाने पर बैन है. अगर कोई पड़ोसी बार-बार ऐसा करता है तो आप पुलिस हेल्पलाइन 112 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर प्रशासन कार्रवाई भी कर सकता है.
'पब्लिक न्यूसेंस' के तहत हो सकती है कार्रवाई
3 / 5अगर पड़ोसी लगातार शोर मचाकर या गाली-गलौज करके आपको मानसिक परेशानी पहुंचाते हैं, तो इसे 'पब्लिक न्यूसेंस' माना जा सकता है. ऐसे मामलों में कोर्ट में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. लगातार सबूत इकट्ठा करना आपके केस को मजबूत बनाता है.
रास्ता रोकना भी दंडनीय अपराध
4 / 5अगर कोई पड़ोसी सार्वजनिक या साझा रास्ते को बंद कर देता है, तो ये कानून के खिलाफ माना जाता है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत रास्ता रोकना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मदद ली जा सकती है. अगर आप लंबे समय से किसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पड़ोसी उसे अचानक बंद नहीं कर सकता. ईजमेंट एक्ट के तहत पुराने उपयोग वाले रास्तों पर आपका अधिकार माना जा सकता है. विवाद होने पर तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में शिकायत दी जा सकती है.
विवाद बढ़ाने से पहले बातचीत करें
5 / 5कानूनी कार्रवाई करने से पहले पड़ोसी को औपचारिक नोटिस देकर समस्या सुलझाने का मौका देना बेहतर माना जाता है. कई बार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या मोहल्ले के बुजुर्गों की मदद से भी विवाद शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो सकता है. (All Photos Credit: Social Media)



















