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अगर आपने हाल ही में अपना सैलरी बैंक अकाउंट बदला है, तो यह जानकारी EPFO रिकॉर्ड में अपडेट करना बेहद जरूरी है. नौकरी बदलने या बैंक बदलने पर लोग अक्सर नया सैलरी अकाउंट तो शुरू कर देते हैं, लेकिन EPFO खाते में बैंक डिटेल अपडेट करना भूल जाते हैं. ऐसा न करने पर पीएफ निकालते समय क्लेम रिजेक्ट या पेमेंट फेल होने जैसी परेशानी हो सकती है.

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जी हां बिल्कुल सही बात है! नौकरी बदलने के साथ अक्सर हम अपना सैलरी अकाउंट तो बदल लेते हैं, लेकिन EPFO के रिकॉर्ड में उसे अपडेट करना भूल जाते हैं. यही छोटी सी चूक तब भारी पड़ती है जब आपको अचानक पीएफ (PF) निकालने या एडवांस क्लेम करने की जरूरत होती है. यही छोटी सी चूक आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. EPFO के रिकॉर्ड में पुराना या बंद बैंक खाता जुड़ा रहने पर PF निकासी का क्लेम अटक सकता है या रद्द भी हो सकता है. आपको इस परेशानी से बचने के लिए तुरंत ये कदम उठाने चाहिए.

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UAN पोर्टल पर नया बैंक अकाउंट अपडेट करें: ध्यान रहे कि PF खाते में बैंक डिटेल अपने आप अपडेट नहीं होती. भले ही आपका नियोक्ता सैलरी रिकॉर्ड बदल दे, लेकिन UAN से जुड़ी बैंक जानकारी आपको खुद ई-सर्विस पोर्टल पर जाकर अपडेट करनी होती है. अगर लिंक किया गया खाता निष्क्रिय या बंद है, तो निकासी का पैसा वापस लौट सकता है और पूरी प्रक्रिया फिर से करनी पड़ती है.

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चेकबुक या पासबुक की स्कैन कॉपी तैयार रखें: इससे बचने के लिए EPFO मेंबर पोर्टल पर लॉगिन कर KYC सेक्शन में जाकर नया बैंक खाता नंबर और IFSC अपडेट करें. आधार और पैन की जानकारी भी सत्यापित होनी चाहिए और बैंक रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए. जरूरत पड़ने पर कैंसिल चेक की फोटो भी अपलोड करनी होती है. अपडेट के बाद नियोक्ता की मंजूरी जरूरी होती है, इसलिए HR से फॉलोअप करना भी जरूरी है.

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एक ही बैंक अकाउंट लिंक करने की अनुमति: जैसे ही आप नया अकाउंट अपडेट करते हैं, यह स्टेटस 'Digitally Signed by Employer' या 'Pending for Verification' दिखाएगा. EPFO एक UAN पर एक ही एक्टिव बैंक अकाउंट लिंक करने की अनुमति देता है. इसलिए जब भी सैलरी अकाउंट बदले, PF रिकॉर्ड अपडेट करना अपनी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा जरूर बनाएं, ताकि जरूरत के समय पैसा निकालने में देरी न हो.