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Full and Final sattlement Rules change: देश में लागू हुए नए लेबर कोड में एक खास बदलाव हुआ है. नौकरी छोड़ने पर कंपनी को अपने कर्मचारी का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट अब दो दिन में करना होगा, पहले इस प्रक्रिया को पूरी होने में 45 दिन का समय लगता था. यानि कि केवल दो दिन में आपको आपका पूरा पैसा मिल जाएगा.
कुछ शर्तों के तहत बढ़ सकता है वक्त

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नए लेबर कोड के तहत फुल एंड फाइनल सेटलमेंट अभी भी एक महीने तक आगे बढ़ सकता है. वैसे दो दिन में पैसा मिलने से कर्मचारियों को मंथली खर्च या घर का किराया देने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना होगा. पहले 45 दिन लटकना पड़ता था.
तीन महीने तक लटकता था पैसा

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पहले भी कहने को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 45 दिन का वक्त था, लेकिन कर्मचारियों का पूरा पैसा मिलने में पहले तीन महीने यानी 90 तक भी लग जाते थे, अब एक अप्रैल से लागू हुए नए लेबर कोड के मुताबिक, केवल 2 वर्किंग डेज के अंदर कंपनी को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा.
क्या है फुल एंड फाइनल सेटलमेंट?

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मतलब कर्मचारी को नौकरी खत्म होने पर सभी बकाया पैसों का हिसाब और पेमेंट करना है. इसमें सिर्फ सैलरी ही नहीं बल्कि अन्य अलाउंस और सर्विसेज शामिल होती हैं. इसके अलावा वर्किंग डे के हिसाब से आखिरी महीने की सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा, मिलने वाला बोनस या इन्सेंटिव का पैसा, ऑफिस से जुड़े खर्च जैसे यात्रा या अन्य खर्चों का रिइम्बर्समेंट, टैक्स, एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी के सामान वापस न करने पर कटौती.
एक साल नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी

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नए लेबर कोड में जो खास बदलाव किया गया है, उसमें अब एक साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा. पहले पांच साल की नौकरी करने के बाद ही ग्रेच्युटी दी जाती थी, लेकिन अब एक साल की नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ कर्मचारियों को दिया जाएगा. कंपनी को इसे 30 दिन के अंदर ही देना होगा.